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LOC पर तैनात जवान का दर्द छलका

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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले सेना के जवान वीर बहादुर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में LoC पर तैनात वीर बहादुर ने वीडियो के जरिए अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। जवान का कहना है कि वह सीमा पर देश की रक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है, लेकिन घर पर माता-पिता और बहन को लेकर लगातार परेशान है। इसी चिंता के बीच उसने प्रशासन से मदद और न्याय की गुहार लगाई है।

वीर बहादुर सिंह देवरिया के लार थाना क्षेत्र के चुरिया गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में वह परिवार में चल रहे पुश्तैनी मकान और जमीन के विवाद का जिक्र करते हैं। उनका आरोप है कि उनके माता-पिता और छोटी बहन को उनके चाचा की ओर से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अपनी एक गर्भवती बहन का भी जिक्र करते हुए परिवार के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न की बात कही है। हालांकि, ये जवान की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिनकी पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।

वीडियो में जवान भावुक होकर सवाल उठाते हैं कि वह सीमा पर देश की सेवा करें या फिर घर पर अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहें। उन्होंने कहा कि अगर परिवार को न्याय नहीं मिला तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। वीडियो में उन्होंने गुस्से और तनाव की स्थिति में खुद को या दूसरे पक्ष को नुकसान पहुंचाने जैसी बात भी कही। इस बयान के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई और पुलिस ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ परिवार के बीच चल रहा संपत्ति विवाद है। सलेमपुर के सर्कल ऑफिसर गौरव सिंह के अनुसार, जवान के पिता राजा सिंह और उनके 2 भाइयों रामनारायण सिंह तथा सुग्रीव सिंह के बीच पुश्तैनी जमीन और मकान को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को पंचायत के सामने तीनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर एक समझौता हुआ था।

पुलिस के मुताबिक, समझौते के तहत राजा सिंह ने अपने हिस्से की जमीन 3.75 लाख रुपये में और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन 2.50 लाख रुपये में सुग्रीव सिंह को देने पर सहमति जताई थी। पुलिस का कहना है कि रामनारायण सिंह को उनकी पूरी रकम मिल चुकी है, जबकि राजा सिंह के हिस्से की रकम में से 1.87 लाख रुपये उनके बेटे वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में दिए गए थे। बाकी रकम मकान खाली करने के बाद दिए जाने की बात तय हुई थी।

मौजूदा स्थिति को लेकर पुलिस का कहना है कि पुराने पुश्तैनी मकान को गिराकर सुग्रीव सिंह वहां निर्माण करा रहे हैं, जबकि राजा सिंह अपने परिवार के साथ मकान के आगे के हिस्से में रह रहे हैं। पुलिस के अनुसार, राजा सिंह पंचायत में हुए समझौते को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बना हुआ है।

इस विवाद का मामला पहले भी पुलिस तक पहुंच चुका है। पुलिस के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 को हुई मारपीट की घटना को लेकर लार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और मामले में आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी की गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन है।

जवान के वायरल वीडियो के बाद अब इस मामले ने व्यापक ध्यान खींचा है। एक तरफ वीर बहादुर सीमा पर तैनात होकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार से जुड़ा विवाद उनके लिए मानसिक परेशानी का कारण बना हुआ है। हालांकि, परिवार के दूसरे पक्ष पर लगाए गए आरोपों को अभी अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि संपत्ति विवाद न्यायिक प्रक्रिया में है और पुलिस भी मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

इस घटना ने सैनिकों के परिवारों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर के विवादों को समय रहते सुलझाने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए हैं। सीमा पर तैनात जवान के लिए यह स्वाभाविक रूप से कठिन स्थिति हो सकती है कि वह हजारों किलोमीटर दूर रहते हुए अपने परिवार से जुड़े विवाद को लेकर चिंतित रहे। ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह शिकायत की निष्पक्ष जांच करे और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में पहले दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र अदालत भेजा जा चुका है और संपत्ति विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद जवान द्वारा लगाए गए नए आरोपों की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में अब आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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