
मौसम ने बदली करवट! यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश-आंधी का अलर्ट
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा था, वहीं अब प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और झारखंड समेत कई राज्यों के लिए तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आने की संभावना है, लेकिन खराब मौसम के कारण परिवहन और जनजीवन पर असर पड़ने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज गरज-चमक, 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है।
बिहार में भी मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना सहित कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
राजस्थान, जो पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में था, वहां भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जयपुर, कोटा, अजमेर, श्रीगंगानगर, चूरू और कई अन्य जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लू से राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के कारण ट्रक पलट गए, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
खराब मौसम का असर रेलवे और सड़क परिवहन पर भी पड़ने लगा है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और जलभराव की वजह से यातायात धीमा पड़ सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम और परिवहन से जुड़ी ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का परिणाम है। आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, मध्य भारत और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्मी और उमस बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल कटाई, भंडारण और कृषि कार्य मौसम को ध्यान में रखकर करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही, तो उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और मानसून के आगमन की रफ्तार भी तेज हो जाएगी।


