
चंबल के बेटे यशवर्धन चौहान को मिली भारत अंडर-19 टीम की कप्तानी
भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र से आने वाले युवा बल्लेबाज यशवर्धन सिंह चौहान को टीम का कप्तान बनाया गया है। वहीं भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को भी पहली बार भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली है। यह चयन भारतीय क्रिकेट में उभरती नई प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
भारत की अंडर-19 टीम जुलाई में श्रीलंका दौरे पर जाएगी, जहां उसे तीन वनडे और दो मल्टी-डे मैच खेलने हैं। खास बात यह है कि यशवर्धन सिंह चौहान को दोनों प्रारूपों की टीमों का कप्तान नियुक्त किया गया है। चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए भविष्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि उनके नेतृत्व कौशल और लगातार शानदार खेल को देखते हुए लिया गया है।
यशवर्धन सिंह चौहान का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र से आने वाले इस युवा बल्लेबाज ने कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले का लोहा मनवाया। अंडर-13 इंटर डिविजनल टूर्नामेंट में उन्होंने 425 रन, 391 रन और 235 रन जैसी विशाल पारियां खेलकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी इन पारियों ने उन्हें देश के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में शामिल कर दिया। लगातार घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्हें भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
दूसरी ओर राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ का चयन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 17 वर्षीय अन्वय को वनडे टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने हाल के घरेलू टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। पिछले वर्ष विनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने छह मैचों में 220 रन बनाए थे, जिसमें नाबाद 82 रन की बेहतरीन पारी भी शामिल थी। चयनकर्ताओं का मानना है कि अन्वय के अंदर लंबी पारी खेलने और दबाव में टीम को संभालने की क्षमता है।
अन्वय द्रविड़ के चयन के साथ एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें राहुल द्रविड़ के परिवार पर टिक गई हैं। इससे पहले उनके बड़े बेटे समित द्रविड़ को भी भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली थी, लेकिन चोट के कारण वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं पा सके थे। अब अन्वय के पास अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि चयन पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर हुआ है और अन्वय ने अपनी प्रतिभा से टीम में जगह बनाई है।
श्रीलंका दौरा भारत की युवा टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह अगले अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा होगा। इस दौरे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ की खास नजर रहेगी। कई खिलाड़ी इसी दौरे के आधार पर भविष्य में भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में हर खिलाड़ी के लिए यह दौरा खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा।
यशवर्धन चौहान के कप्तान बनने से मध्य प्रदेश क्रिकेट को भी बड़ी उपलब्धि मिली है। लंबे समय बाद चंबल क्षेत्र से कोई खिलाड़ी भारतीय अंडर-19 टीम की कमान संभालने जा रहा है। इससे प्रदेश के युवा क्रिकेटरों में भी उत्साह का माहौल है। स्थानीय क्रिकेट प्रशिक्षकों का मानना है कि यशवर्धन की सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलने का रास्ता मजबूत होगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार भारत की इस अंडर-19 टीम में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग तीनों विभागों में संतुलन देखने को मिलता है। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। चयन समिति का उद्देश्य ऐसी टीम तैयार करना है जो केवल श्रीलंका दौरे पर ही नहीं बल्कि भविष्य के आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में भी भारत को खिताब दिलाने की क्षमता रखती हो।
अब सभी की नजरें जुलाई में शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे पर होंगी। एक ओर चंबल के युवा कप्तान यशवर्धन सिंह चौहान अपने नेतृत्व की परीक्षा देंगे, तो दूसरी ओर राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ अपने अंतरराष्ट्रीय जूनियर करियर की शुरुआत करेंगे। यदि दोनों खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं तो भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए दो नए बड़े सितारे मिल सकते हैं।


