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पुलिस थानों और अदालतों में मुस्लिम मामलों में वृद्धि “शर्मनाक”

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देश के प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा और जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक़ गोरा ने हाल ही में पुलिस थानों और अदालतों में मुस्लिम समाज से जुड़े मामलों में हो रही वृद्धि को लेकर अपनी चिंता जताई है, जिसे उन्होंने “पूरे समाज के लिए शर्मनाक” बताया है। उन्होंने रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में सामाजिक दशा का विश्लेषण करते हुए कहा कि घरेलू विवाद, तलाक़, पारिवारिक झगड़े और आपसी क्लेश जैसे कई मामलों का थानों तथा न्यायालयों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि अब हमारे धार्मिक और नैतिक मूल्यों में गिरावट आई है।

मारीना इसहाक़ गोरा ने अपने संदेश में कहा कि जब लोग उनसे यह सवाल करते हैं कि थानों और अदालतों में मुसलमानों के मामले सबसे ज्यादा क्यों दिखते हैं, तो उन्हें इससे गहरा दुख और चिंता होती है। उनके मुताबिक इस समस्या की मुख्य वजह शिक्षा और संस्कारों की कमी है, जिससे लोग आपसी समझ और संवाद की बजाय विवादों को बढ़ाकर कानूनी प्रणालियों तक ले जाते हैं।

उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि समाज में झूठी परंपराएँ और गलत रिवाज़ बढ़ते जा रहे हैं, जो पारिवारिक संरचना को कमजोर कर रहे हैं और छोटे-छोटे मतभेदों को बड़े झगड़ों में बदल देते हैं। मौलाना ने यह स्पष्ट किया कि लोगों को अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय अक्सर दूसरों, परिस्थितियों, प्रशासन या सरकार को दोष देने की आदत हो गई है, जबकि असल बदलाव की शुरुआत व्यक्ति-व्यक्ति के व्यवहार और सोच से होती है।

कारी इसहाक़ गोरा ने समाज के सभी सदस्यों से आत्ममंथन करने की अपील की। उनका मानना है कि कोई भी समुदाय केवल नारों या आरोपों से आगे नहीं बढ़ सकता; इसके लिए ज्ञान, चरित्र, नैतिकता, आपसी सम्मान और समझ जैसे गुणों का विकास आवश्यक है। अगर समाज में ये तत्व मजबूत होंगे, तो विवाद और आपसी टकराव अपने आप कम होने की संभावना बढ़ जाएगी।

सामाजिक विश्लेषकों के अनुसार, देश में पिछले कई वर्षों में घरेलू और पारिवारिक विवादों के मामलों की संख्या में वृद्धि वास्तव में दर्ज की गई है, और इस वृद्धि का श्रेय कभी-कभी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता की कमी को दिया जाता रहा है। ऐसे मुद्दों पर मौलाना के बयान को कई लोगों ने समाज के लिए आईना दिखाने वाला संदेश बताया है, जो समुदाय को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने और सुधार की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

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