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US Market में गिरावट के बाद Sensex-Nifty पर नजर

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अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार को आई गिरावट के बाद अब भारतीय निवेशकों की नजर मंगलवार के कारोबार पर टिकी हुई है। वॉल स्ट्रीट पर प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, जबकि एशियाई बाजारों से भी मिले-जुले संकेत सामने आए। ऐसे माहौल में भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत की खबर GIFT Nifty से आई है, जिसने सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए हैं। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव बाजार की तेजी पर दबाव बना सकते हैं।

सोमवार को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। S&P 500 में करीब 0.5 फीसदी, Nasdaq में 0.6 फीसदी और Dow Jones में लगभग 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। AI सेक्टर को लेकर बढ़ी चिंताओं और ऊर्जा कीमतों में तेजी ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई। इसके साथ ही अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड कुछ समय के लिए 5 फीसदी के ऊपर पहुंच गई, जिससे वैश्विक बाजारों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ।

अमेरिकी बाजार की कमजोरी के बाद एशियाई बाजारों पर भी दबाव बना रहा। जापान के Nikkei, दक्षिण कोरिया के Kospi और दूसरे एशियाई इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार की सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी हुई है। मध्य पूर्व में बढ़े तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता के कारण Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर बना हुआ है। तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते के मोर्चे पर चुनौती बन सकती है।

इन नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद GIFT Nifty ने भारतीय बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक GIFT Nifty मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जिससे Sensex और Nifty की पॉजिटिव शुरुआत की उम्मीद बनी। भारतीय बाजार पिछले कई हफ्तों से दबाव में रहा है, इसलिए निचले स्तरों पर खरीदारी भी बाजार को सहारा दे सकती है।

भारतीय बाजार के लिए आज निवेशकों की नजर सिर्फ अमेरिकी और एशियाई बाजारों पर नहीं रहेगी। कच्चे तेल की चाल, डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी Sensex-Nifty की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पिछले कारोबारी सत्र में Nifty 23,398.10 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि बाजार लगातार वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों के लिए भी फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह समझना है कि वैश्विक तनाव और बढ़ती तेल कीमतों का असर कितना लंबा रहेगा। अगर कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है और बॉन्ड यील्ड में तेजी जारी रहती है तो भारतीय बाजार में निवेशकों की सतर्कता बढ़ सकती है। दूसरी तरफ, अगर वैश्विक तनाव में कमी आती है और तेल कीमतों में राहत मिलती है तो घरेलू बाजार को तेजी का सहारा मिल सकता है।

कुल मिलाकर, अमेरिकी बाजार की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क जरूर किया है, लेकिन मंगलवार की शुरुआत में GIFT Nifty से मिले सकारात्मक संकेत भारतीय बाजार के लिए उम्मीद जगा रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या Sensex और Nifty शुरुआती बढ़त को कारोबार के अंत तक कायम रख पाते हैं या फिर कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का दबाव बाजार पर भारी पड़ता है। आज का कारोबार निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है।

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