
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, को गठबंधन का खुला प्रस्ताव देते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी दोबारा सत्ता में आए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में भाजपा को हराना चाहता है तो अभी बातचीत कर लेनी चाहिए, क्योंकि चुनाव समाप्त होने के बाद अफसोस करने का कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि एआईएमआईएम सम्मानजनक शर्तों पर विपक्ष के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय के लिए है। उन्होंने कहा कि अब बराबरी का समय है और उनकी पार्टी सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे नेता बराबरी के साथ बैठ सकते हैं तो एआईएमआईएम भी समान सम्मान की अपेक्षा रखती है। ओवैसी ने विपक्ष के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें कहा जाता है कि एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने से विपक्षी वोटों का बंटवारा होता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी चिंता है तो विपक्ष को उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।
ओवैसी ने अपने भाषण में हाल के छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया और कहा कि युवाओं की एकजुटता ने यह साबित किया है कि संगठित आवाज बड़ी से बड़ी सत्ता को भी झुकने पर मजबूर कर सकती है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण संघर्ष की ताकत सबसे बड़ी होती है और युवाओं की भागीदारी देश की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
युवाओं को लेकर भी ओवैसी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की अधिकांश आबादी युवा है और उनकी कोशिश रहेगी कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक युवाओं को टिकट दिया जाए ताकि वे विधानसभा में लोगों की आवाज बुलंद कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में देश का नेतृत्व युवा पीढ़ी के हाथों में होना चाहिए और आने वाले वर्षों में अपेक्षाकृत युवा प्रधानमंत्री देखने की उनकी इच्छा है। उनके इस बयान को आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले विपक्षी राजनीति और संभावित गठबंधन की चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



