दिल्ली के कनॉट प्लेस में CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव,
दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव की घटना का वीडियो सामने आया है। 11 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार को हुई थी, जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को इलाके से हटाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके। घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस जब भीड़ को वहां से हटाने लगी, तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हटाते दिखाई देते हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की पहचान या घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में PTI बिल्डिंग के पास हुई एक घटना में करीब 50 प्रदर्शनकारियों के जुटने और पुलिस पर पथराव किए जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। शुरुआती रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं था कि पथराव किस तरह शुरू हुआ और घटनाक्रम की पूरी वजह क्या थी।
घटना के बाद रविवार को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टुकड़ी ने कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में फ्लैग मार्च किया। इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात नजर आए। अधिकारियों की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी नए टकराव को रोकना है। प्रदर्शन दोबारा होने की आशंका के मद्देनजर भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। पार्टी के नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा था कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
इस मामले में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से रिहाई के आदेश दिए गए। प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने कई FIR भी दर्ज की हैं। अलग-अलग घटनाओं और आरोपों की जांच जारी है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और पथराव की घटनाओं ने सार्वजनिक व्यवस्था तथा प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर बहस भी तेज कर दी है। एक ओर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी, वहीं प्रदर्शन से जुड़े मामलों में हिरासत और पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इन मामलों में आरोपों और पुलिस के दावों की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल कनॉट प्लेस में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया है। CJP की ओर से आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पथराव के वीडियो, हिरासत में लिए गए लोगों और दर्ज मामलों की जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे घटनाक्रम में और जानकारी सामने आने की संभावना है।



