दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार, फेज-4 और फेज-5 में नरेला
दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में दिल्ली मेट्रो का विस्तार तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की फेज-4 परियोजना के साथ-साथ फेज-5ए और फेज-5बी के तहत कई नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी के उन इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अब तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं थी। नए विस्तार के बाद नरेला, नजफगढ़, रोहिणी, नांगलोई, खेड़ा कलां और बाहरी दिल्ली के कई अन्य क्षेत्रों के लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
फेज-5बी के तहत लगभग 97 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर सात नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है, जिनमें करीब 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹48,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी के तेजी से विकसित हो रहे बाहरी इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना और सड़क यातायात पर दबाव कम करना है। विशेष रूप से नरेला, नजफगढ़ और रोहिणी जैसे क्षेत्रों को पहली बार व्यापक स्तर पर मेट्रो नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
योजना के अनुसार नरेला तक मेट्रो पहुंचने से उत्तर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को बड़ा लाभ होगा। वहीं नजफगढ़ से नांगलोई तक प्रस्तावित नया कॉरिडोर पश्चिमी दिल्ली की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इसके अलावा कई नए इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से यात्रा करने का अवसर मिलेगा। इससे दैनिक यात्रियों का समय बचेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होने की संभावना है।
फेज-4 के अंतर्गत भी कई महत्वपूर्ण कॉरिडोरों पर निर्माण कार्य जारी है। जनकपुरी वेस्ट से आर.के. आश्रम, मजलिस पार्क से मौजपुर, एरोसिटी से तुगलकाबाद, रिठाला से नरेला और अन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन कॉरिडोरों के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क पहले से कहीं अधिक व्यापक और आधुनिक हो जाएगा। इसके साथ ही फेज-5ए के अंतर्गत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक नया भूमिगत कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो राजधानी के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली मेट्रो का यह विस्तार केवल परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि इससे राजधानी के आर्थिक विकास, रियल एस्टेट, रोजगार और शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी। जिन क्षेत्रों में पहली बार मेट्रो पहुंचेगी, वहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। साथ ही ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और यात्रा में लगने वाले समय को कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार और डीएमआरसी का लक्ष्य है कि प्राथमिकता वाले नए कॉरिडोरों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में दिल्ली के अधिक से अधिक हिस्से आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सकें। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और अधिक विस्तृत होगा तथा राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।



