
दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। भारत मंडपम में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात नियंत्रित रहेगा। ट्रैफिक पाबंदियों का असर 10 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर तक रहने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की जानकारी जरूर जांचनी होगी।
ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को नियंत्रित किया जाएगा और करीब 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। VVIP काफिलों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के समय जरूरत के मुताबिक सामान्य ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोका या दूसरे रास्ते पर भेजा जा सकता है। इसके लिए करीब 4,800 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक स्थिति VVIP मूवमेंट और सुरक्षा जरूरतों के आधार पर बदल सकती है।
प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, केमल अतातुर्क मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एन्क्लेव रोड, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जोसेफ ब्रोज टीटो मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग शामिल हैं। इन रास्तों पर जरूरत के हिसाब से ट्रैफिक रोका, डायवर्ट या नियंत्रित किया जा सकता है।
इसका असर सिर्फ सेंट्रल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान तथा सेंट्रल दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले लोगों को भी देरी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं द्वारका, पश्चिमी दिल्ली, धौला कुआं और एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले यात्रियों पर भी VVIP काफिलों के कारण असर पड़ने की आशंका है। दक्षिण दिल्ली में भी कुछ विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण व्यस्त इलाकों में अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए कश्मीरी गेट, बुलेवार्ड रोड, रानी झांसी मार्ग, DBG रोड और पंचकुइयां रोड जैसे वैकल्पिक रास्ते सुझाए गए हैं। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए रिंग रोड, राजघाट, हनुमान मंदिर और एसपी मुखर्जी मार्ग से जाने के विकल्प दिए गए हैं। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वालों को एम्स, रिंग रोड, आश्रम चौक और मथुरा रोड वाले मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने खास तौर पर मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। सड़क मार्ग से एयरपोर्ट जाने वालों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की जरूरत होगी। गुरुग्राम, द्वारका, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर दिल्ली और पूर्वी दिल्ली से अलग-अलग टर्मिनल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते बताए गए हैं। VVIP मूवमेंट के दौरान किसी मार्ग पर अचानक रोक लगने की स्थिति में इन वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ट्रैफिक पाबंदियों के दौरान सड़क किनारे पार्किंग पर भी सख्ती रहेगी। नियंत्रित सड़कों के 200 मीटर के दायरे में सड़क किनारे वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। लोगों से तय पार्किंग स्थानों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। कैब कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि VVIP आवाजाही के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में पिकअप और ड्रॉप पॉइंट न बनाए जाएं।
ट्रैफिक पुलिस ने ऑनलाइन मैप और नेविगेशन सेवा देने वाली कंपनियों के साथ भी समन्वय किया है, ताकि लोगों को वास्तविक समय में सड़क बंद होने, डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी मिलती रहे। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि VVIP काफिलों की वास्तविक आवाजाही के आधार पर कुछ पाबंदियां अचानक लागू या हटाई जा सकती हैं। इसलिए सिर्फ पहले से तय रूट पर निर्भर रहने के बजाय यात्रा से ठीक पहले ट्रैफिक अपडेट देखना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
BRICS सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी काफी व्यापक रहेगी। राजधानी में करीब 25,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सम्मेलन में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, इसलिए विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों के लिए अगले कुछ दिन यात्रा की योजना पहले से बनाने वाले होंगे। खासकर जिन्हें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, प्रगति मैदान, सेंट्रल दिल्ली या दक्षिण दिल्ली की तरफ जाना है, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना चाहिए। संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा और कार से जाने वाले लोगों को डायवर्जन वाले रास्तों की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। BRICS सम्मेलन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।


