
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर नाराजगी का मामला सामने आया है। बीजेपी के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को समर्थन देने का ऐलान किया है। उनके इस रुख से गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र के चुनावी समीकरण और पार्टी के अंदर चल रहे असंतोष को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर हाथ से लिखा एक पत्र साझा किया है। इसमें उन्होंने शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए उनके हितों के लिए संघर्ष करने की बात कही। उन्होंने अपने संदेश में न्याय और सम्मान का मुद्दा उठाया और समर्थकों से 23 अक्टूबर को अन्याय तथा अपमान के खिलाफ जनादेश देने की अपील की।
इस पूरे घटनाक्रम की एक वजह 12 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित बीजेपी के एक कार्यक्रम को बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, देवेंद्र प्रताप सिंह को कथित तौर पर कार्यक्रम के मंच पर जगह नहीं मिली थी। इसके बाद उनकी नाराजगी की चर्चा शुरू हुई। हालांकि, मंच पर स्थान न मिलने और उनके ताजा राजनीतिक फैसले के बीच संबंध को लेकर पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दूसरी ओर, डॉ. संजयन त्रिपाठी भी गोरखपुर-फैजाबाद MLC सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद बीजेपी से नाराज हो गए थे। उन्होंने पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए और शुरुआती तौर पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। बाद में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। अब देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन से इस सीट पर मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
संजयन त्रिपाठी ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह पहले दो बार स्नातक MLC चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। ये उनके अपने दावे हैं।
देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि वह स्वयं बीजेपी के MLC हैं। ऐसे में पार्टी के एक मौजूदा विधान परिषद सदस्य का सपा प्रत्याशी के पक्ष में सामने आना संगठन के भीतर असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस समर्थन का चुनावी नतीजे पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदाताओं के रुख और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले MLC चुनावों को राजनीतिक दलों के संगठनात्मक प्रभाव और समर्थक आधार के लिहाज से भी देखा जा रहा है। टिकट वितरण को लेकर नेताओं की नाराजगी और दल बदलने की घटनाएं इस चुनाव को और चर्चा में ला रही हैं। गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबले में अब देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल, देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र के जरिए सम्मान और न्याय का मुद्दा उठाते हुए संजयन त्रिपाठी के समर्थन का संदेश दिया है। अब देखना होगा कि बीजेपी नेतृत्व इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देता है और 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में इसका कितना प्रभाव दिखाई देता है



