Advertisement
लाइव अपडेटविश्व
Trending

अमेरिका नहीं, ईरान था समझौते के लिए उतावला

Advertisement
Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में समझौते के लिए “बेताब” नहीं था, बल्कि ईरान ही दबाव में था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित आर्थिक सहायता और पुनर्निर्माण पैकेज अब खतरे में पड़ सकता है और ईरान को “एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी” यदि वह समझौते की भावना के खिलाफ जाता है।

यह बयान उस समय आया है जब मोजतबा खामेनेई ने दावा किया था कि अमेरिका ने समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काफी दबाव बनाया और ट्रंप इस समझौते को लेकर बेहद उत्सुक थे। खामेनेई ने कहा था कि उन्होंने शुरू में समझौते पर आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में ईरानी हितों की सुरक्षा के आश्वासन मिलने के बाद मंजूरी दी।

ट्रंप ने अपने जवाब में कहा कि अमेरिका ने सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर अपनी ताकत दिखाई है और ईरान को राहत देने का फैसला अमेरिकी उदारता का हिस्सा था, मजबूरी का नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि तेहरान समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता है, तो आर्थिक रियायतें और संभावित फंडिंग रोकी जा सकती हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य युद्धविराम को बनाए रखना, Strait of Hormuz में सामान्य गतिविधियां बहाल करना और परमाणु मुद्दों पर आगे की बातचीत का रास्ता खोलना है। हालांकि समझौते के बाद भी दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बना हुआ है और अगली दौर की वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और खामेनेई के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले हफ्तों में शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। यदि दोनों पक्ष सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर वार्ता जारी रखते हैं तो स्थायी समझौते की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन राजनीतिक टकराव बढ़ने पर पूरा समझौता संकट में पड़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share