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G7 शिखर सम्मेलन में मोदी पर ट्रंप का बड़ा बयान

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G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई। फ्रांस में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने मोदी को एक “कड़ा सौदेबाज” बताते हुए कहा कि जब व्यापार और राष्ट्रीय हितों की बात आती है तो वह बेहद मजबूत रुख अपनाते हैं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह एक “फरिश्ते जैसे इंसान” हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत तेज हो गई है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका एक व्यापक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध पहले से अधिक मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग में नई ऊंचाइयां देखने को मिल सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा एक बड़ा विषय बन गया है। मोदी ने ट्रंप से कहा कि लाखों भारतीय नागरिक समुद्री क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। इस पर ट्रंप ने भारत की चिंताओं को गंभीर बताते हुए सहयोग का भरोसा दिया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब दोनों देशों के संबंधों में कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद भी देखने को मिले हैं। अमेरिकी टैरिफ, भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद और कुछ सामरिक मामलों को लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर अलग-अलग राय सामने आई है। इसके बावजूद मोदी और ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत है और दोनों देश वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करना चाहते हैं।

G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट, ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन देशों को वैश्विक संकटों का बोझ अकेले न उठाना पड़े।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप द्वारा मोदी की सार्वजनिक प्रशंसा केवल व्यक्तिगत संबंधों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह भारत-अमेरिका संबंधों की रणनीतिक अहमियत को भी दर्शाती है। व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को देखते हुए दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण हो सकती है। G7 सम्मेलन में हुई यह मुलाकात इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है, जहां मतभेदों के बावजूद संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी गई।

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