
जानकारी के अनुसार, जिस संपत्ति पर नोटिस लगाया गया है वह दस्तावेजों में अभी भी असद के पिता के नाम दर्ज है। हालांकि परिवार की ओर से इसे बेचने की बातें सामने आई थीं, लेकिन प्रशासनिक रिकॉर्ड में स्वामित्व परिवर्तन नहीं पाया गया। इसी आधार पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अवैधता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार भी इस मामले में लगातार सक्रिय नजर आ रही है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने पीड़ित सूर्या प्रताप चौहान के परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
गौरतलब है कि 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की 28 मई को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पुलिस जांच के दौरान मुख्य आरोपी असद की तलाश की जा रही थी। बाद में पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने एक साथी से पैसे लेने आने वाला है और इसके बाद फरार होने की तैयारी में था। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन आरोप है कि असद ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी।
हत्याकांड के बाद मृतक के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन की मांग की थी। असद के एनकाउंटर के बाद भी परिवार का कहना है कि इस साजिश में कई अन्य लोग शामिल थे, इसलिए बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं। सूर्या की मां और बहन ने कहा कि केवल एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर सख्त सजा दिलाई जानी चाहिए।
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस की सख्ती को देखते हुए यह मामला उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल हो गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



