
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के प्रमुख सदस्य सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर शिकंजा कस दिया है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण में मदद करने वाली सूचना देने वालों के लिए नकद इनाम घोषित किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई तेज कर दी है।
अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर कनाडा में वर्ष 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं। आरोपपत्र में कहा गया है कि यह नेटवर्क विभिन्न देशों में फैले अपने सहयोगियों के जरिए संगठित आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता था। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के लिए अमेरिका में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एफबीआई की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण में सहायक ठोस जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50,000 अमेरिकी डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास उसके ठिकाने या गतिविधियों से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी हो तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करे। अमेरिकी एजेंसियां इस मामले में अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही हैं।
गोल्डी बराड़ लंबे समय से भारत की विभिन्न जांच एजेंसियों के लिए भी वांछित रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। भारत सरकार पहले ही उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित कर चुकी है, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर चुकी है। इसके अलावा इंटरपोल की रेड नोटिस प्रक्रिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय कानूनी उपायों के जरिए भी उसकी तलाश जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की इस कार्रवाई से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा। पिछले कुछ वर्षों में इस गिरोह का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों, रंगदारी, हत्या और सीमा पार संचालित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ता रहा है। विभिन्न देशों की जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों, संचार तंत्र और सहयोगियों की भी गहन जांच कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, संगठित अपराध के खिलाफ विभिन्न देशों के बीच बढ़ता सहयोग ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अमेरिका की ताजा कार्रवाई को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी होती है, तो इससे कई अंतरराष्ट्रीय आपराधिक मामलों की जांच को नई दिशा मिल सकती है और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की गतिविधियों से जुड़े कई अहम खुलासे भी सामने आ सकते हैं।



