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घेवर में निकला कॉकरोच, ग्रेटर नोएडा की मिठाई दुकान पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

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ग्रेटर नोएडा में मिठाई की गुणवत्ता को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ग्राहक ने दावा किया कि उसने एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान से घेवर खरीदा था, लेकिन उसे खाने के दौरान उसमें कॉकरोच दिखाई दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित मिठाई दुकान का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी। (ndtv.in)

जानकारी के अनुसार, यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 क्षेत्र का है। एक ग्राहक ने स्थानीय मिठाई दुकान से घेवर खरीदा था। घर पहुंचने के बाद जब उसने मिठाई खाई तो उसमें कथित तौर पर एक कॉकरोच दिखाई दिया। ग्राहक ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने मिठाई की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। (ndtv.in)

ग्राहक ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया और वहां तैयार तथा बिक्री के लिए रखी गई मिठाइयों की जांच की। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ग्राहक की शिकायत सही है या नहीं और यदि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है तो आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। (ndtv.in)

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों में बनने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है। खासतौर पर त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है, ऐसे में खाद्य सुरक्षा को लेकर सावधानी और भी जरूरी हो जाती है। इसी कारण शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

मामले में दुकानदार का पक्ष भी सामने आया है। दुकान संचालक ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि घेवर में कॉकरोच मिलने का दावा सही नहीं है। उनका कहना है कि दुकान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है और मिठाइयां निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार की जाती हैं। दुकान संचालक ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है। (ndtv.in)

खाद्य विभाग की ओर से की गई जांच में दुकान से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जा सकते हैं या लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जा सकती है। आमतौर पर खाद्य पदार्थों में मिलावट, अशुद्धता या कीट-पतंगों से संबंधित शिकायत मिलने पर विभाग नमूनों की जांच कराता है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होता है कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था या नहीं। यदि किसी तरह की गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

यह घटना उपभोक्ताओं के लिए भी एक चेतावनी की तरह है कि पैक या खुली मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। खासकर घेवर जैसी मिठाइयों को खरीदते समय यह देखना चाहिए कि उत्पाद ताजा हो और उसे साफ-सुथरे वातावरण में रखा गया हो। हालांकि केवल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और शिकायत की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही होती है।

ग्रेटर नोएडा में सामने आया यह मामला एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और मिठाई की दुकानों में स्वच्छता के मानकों को लेकर सवाल खड़े करता है। ग्राहकों का कहना है कि खाद्य विभाग को नियमित निरीक्षण बढ़ाना चाहिए, ताकि त्योहारों या अधिक बिक्री वाले समय में लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का जोखिम न हो। वहीं, दुकानदारों की जिम्मेदारी है कि वे खाद्य पदार्थों को साफ-सुथरे और सुरक्षित तरीके से तैयार करें तथा उन्हें कीटों और अन्य बाहरी चीजों से बचाकर रखें।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है और जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घेवर में कॉकरोच मिलने की शिकायत कितनी सही है तथा संबंधित दुकान की ओर से खाद्य सुरक्षा नियमों का कोई उल्लंघन हुआ या नहीं। अगर जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो विभाग नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है। दूसरी ओर, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो दुकान संचालक का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक छोटी सी शिकायत सोशल मीडिया के जरिए तेजी से बड़े मुद्दे में बदल गई। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच पर है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किस स्तर की कार्रवाई होगी और ग्राहक की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।

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