
लेह पैलेस के सामने पहाड़ पर दिखी ‘हनुमान जी की गदा’ जैसी आकृति
लद्दाख के लेह में एक पहाड़ पर दिखाई दी अनोखी आकृति का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। शहर की जिंदगी छोड़कर हिमालय के एक गांव में रहने वाले एक कपल ने लेह पैलेस की यात्रा के दौरान यह वीडियो बनाया। वीडियो में पहाड़ पर पड़ रही धूप और परछाई के बीच एक ऐसी आकृति दिखाई देती है, जिसे लोग भगवान हनुमान की गदा जैसी बता रहे हैं।
यह वीडियो ‘Two Vagabond Monks’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंकुर और शालिनी नाम का यह कपल यात्रा और पहाड़ी जीवन से जुड़े वीडियो बनाता है। 3 अगस्त को पोस्ट किए गए करीब 14 सेकंड के इस वीडियो में अंकुर हाइकिंग के दौरान पहाड़ की ओर कैमरा करते नजर आते हैं। बताया गया कि यह दृश्य उन्हें लेह पैलेस के ठीक सामने स्थित पहाड़ों पर दिखाई दिया।
वीडियो में दिखाई देने वाली आकृति को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे भगवान हनुमान की गदा जैसा अद्भुत दृश्य बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे प्रकृति, रोशनी और पहाड़ की संरचना से बनी एक दिलचस्प आकृति माना। रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ पर पड़ रही सूरज की रोशनी और परछाई के कारण यह दृश्य बना, जिसने देखने वालों को हैरान कर दिया।
कपल का कहना है कि जब उन्होंने पहली बार यह नजारा देखा तो उन्हें भी अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी व्याख्या देनी शुरू कर दी। एक यूजर ने इसे हनुमान जी की मौजूदगी से जोड़कर देखा, जबकि दूसरे लोगों ने इसे प्रकृति की अनोखी कलाकारी बताया।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कपल हिमाचल प्रदेश के मनाली क्षेत्र के एक गांव में रहता है और समय-समय पर यात्रा से जुड़े वीडियो साझा करता है। इन दिनों दोनों जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट की बस से यात्रा करते हुए लद्दाख घूम रहे हैं और अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि पहाड़ों और प्राकृतिक वातावरण में रोशनी, छाया और चट्टानों की संरचना कई बार ऐसी आकृतियां बना देती है, जिन्हें देखने वाला व्यक्ति अपनी आस्था और कल्पना के अनुसार अलग-अलग रूप में देख सकता है। लेह पैलेस के सामने पहाड़ पर दिखाई दी यह आकृति भी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
डिस्क्लेमर: वीडियो में दिखाई दे रही आकृति को ‘हनुमान जी की गदा’ जैसा बताया गया है। यह एक दृश्यात्मक आकृति है, जिसकी व्याख्या लोगों की आस्था और व्यक्तिगत दृष्टिकोण के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।



