
इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 से बराबर कर ली और अब फैसला लॉर्ड्स में खेले जाने वाले तीसरे एवं अंतिम मुकाबले में होगा। मैच के दौरान भारत ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन बीच के ओवरों में बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। वहीं इंग्लैंड की ओर से अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और नाबाद 99 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचा दिया।
भारत की हार का सबसे बड़ा कारण मिडिल ऑर्डर का अचानक ढह जाना रहा। एक समय भारतीय टीम मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी और बड़ा स्कोर बनाने की ओर बढ़ रही थी, लेकिन लगातार विकेट गिरने से पूरी पारी लड़खड़ा गई। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने अर्धशतक लगाकर अच्छी नींव रखी थी, लेकिन उनके आउट होते ही बाकी बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं निभा सके। नतीजा यह रहा कि भारत अपनी अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाया और निर्धारित ओवर पूरे होने से पहले ही 233 रन पर सिमट गया।
दूसरा बड़ा कारण इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी रही। जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन ने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने रन गति को भी नियंत्रित किया और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। भारतीय बल्लेबाज शुरुआत के बाद तेजी से रन बनाने की कोशिश में सफल नहीं हो सके, जिसका असर अंतिम स्कोर पर साफ दिखाई दिया।
तीसरा कारण इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट की बेहतरीन पारी रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत डगमगाई जरूर, लेकिन रूट ने पूरे संयम के साथ पारी को संभाला। उन्होंने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर चौके भी लगाए। उनकी 99 रन की नाबाद पारी ने भारत के गेंदबाजों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रूट ने दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में अनुभव कितना महत्वपूर्ण होता है और उन्होंने अंत तक टिककर इंग्लैंड को शानदार जीत दिलाई।
भारत की हार का चौथा कारण गेंदबाजों का मध्य ओवरों में विकेट नहीं निकाल पाना रहा। शुरुआती सफलता मिलने के बाद भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड की साझेदारी तोड़ने में सफल नहीं हुए। जो रूट और अन्य बल्लेबाजों ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। विकेट नहीं मिलने से कप्तान के पास भी सीमित विकल्प बचे और इंग्लैंड ने धीरे-धीरे मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
पांचवां कारण भारत की फील्डिंग और मैच के अहम पलों का सही उपयोग न कर पाना रहा। जब इंग्लैंड दबाव में था, उस समय भारत के पास मुकाबले में वापसी करने के मौके थे, लेकिन टीम उन अवसरों को पूरी तरह भुना नहीं सकी। इसके अलावा निचले क्रम के बल्लेबाजों पर अधिक निर्भरता भी भारत के लिए नुकसानदायक साबित हुई। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी स्वीकार किया कि टीम ने अच्छी शुरुआत के बावजूद मिडिल ऑर्डर में खराब बल्लेबाजी की और यही हार की सबसे बड़ी वजह बनी।
अब दोनों टीमें सीरीज के निर्णायक मुकाबले के लिए लॉर्ड्स में आमने-सामने होंगी। भारत चाहेगा कि बल्लेबाजी इकाई पिछले मैच की गलतियों से सबक लेकर मजबूत वापसी करे, जबकि इंग्लैंड जो रूट की शानदार फॉर्म और जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। ऐसे में तीसरा वनडे बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि इसी मुकाबले से तय होगा कि वनडे सीरीज पर किस टीम का कब्जा होगा।



