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IPS अंजलि विश्वकर्मा का छत्तीसगढ़ कैडर में तबादला मंजूर

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भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की चर्चित अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा का उत्तर प्रदेश कैडर से छत्तीसगढ़ कैडर में अंतर-कैडर (Inter-Cadre) तबादला केंद्र सरकार ने मंजूर कर दिया है। यह निर्णय उनके छत्तीसगढ़ कैडर के 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी उदित पुष्कर से विवाह के बाद लिया गया है। अखिल भारतीय सेवाओं के नियमों के तहत यदि दो आईएएस या आईपीएस अधिकारी अलग-अलग राज्यों के कैडर से संबंधित होते हैं और उनका विवाह होता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतर-कैडर स्थानांतरण की अनुमति दी जा सकती है। इसी प्रावधान के तहत अंजलि विश्वकर्मा अब उत्तर प्रदेश की जगह छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी सेवाएं देंगी।

अंजलि विश्वकर्मा अपने बेबाक और सख्त पुलिसिंग अंदाज के कारण उत्तर प्रदेश में काफी चर्चित रही हैं। उन्होंने कानपुर और झांसी में तैनाती के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, मानव तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ उनकी कार्रवाई को व्यापक सराहना मिली। कई मामलों में उन्होंने आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से जटिल अपराधों का खुलासा किया, जिससे उनकी पहचान एक दक्ष और तकनीक-प्रेमी पुलिस अधिकारी के रूप में बनी।

अंजलि विश्वकर्मा की शैक्षणिक यात्रा भी उतनी ही प्रेरणादायक रही है। उत्तराखंड की रहने वाली अंजलि ने स्कूल शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और बाद में आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में उच्च वेतन वाली नौकरी की और कई देशों में पेशेवर जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि, समाज सेवा और देश के लिए कुछ करने की इच्छा ने उन्हें कॉरपोरेट करियर छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारत लौटकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू की और 2020 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं।

अंजलि विश्वकर्मा और उदित पुष्कर की कहानी भी काफी दिलचस्प मानी जा रही है। दोनों की पहचान स्कूल के दिनों से थी और बाद में आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान उनकी दोस्ती और मजबूत हुई। समय के साथ यह रिश्ता प्रेम में बदला और दोनों ने परिवारों की सहमति से विवाह किया। अब विवाह के बाद दोनों एक ही राज्य में अपनी सेवाएं दे सकें, इसके लिए अंतर-कैडर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे दोनों अधिकारी अब छत्तीसगढ़ में साथ रहते हुए अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान अंजलि विश्वकर्मा ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए, साइबर अपराध से जुड़े मामलों का तेजी से खुलासा किया और कई संवेदनशील मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सोशल मीडिया पर भी उनकी कार्यशैली की अक्सर चर्चा होती रही है। नियमों के प्रति सख्त रवैया और निष्पक्ष पुलिसिंग के कारण उन्हें कई बार ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी संबोधित किया गया।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि अंजलि विश्वकर्मा का छत्तीसगढ़ कैडर में आना राज्य पुलिस के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है। तकनीक आधारित जांच, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क आधारित पुलिसिंग का उनका अनुभव छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए उपयोगी माना जा रहा है। वहीं, यह स्थानांतरण इस बात का भी उदाहरण है कि अखिल भारतीय सेवाओं में पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों के तहत अधिकारियों को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाती है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि अंजलि विश्वकर्मा छत्तीसगढ़ में अपनी नई जिम्मेदारियों को किस प्रकार निभाती हैं और अपनी कार्यशैली से वहां भी नई पहचान बनाती हैं।

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