Advertisement
दिल्ली (यूटी)लाइव अपडेट
Trending

दिल्ली के करोल बाग में पीजी बिल्डिंग में भीषण आग

Advertisement
Advertisement

दिल्ली के करोल बाग इलाके में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जिस इमारत में आग लगी, उसकी ऊपरी मंजिलों पर पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में छात्र रह रहे थे, जबकि भूतल पर चमड़े के जूतों की एक छोटी निर्माण इकाई संचालित की जा रही थी। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। समय रहते दमकल कर्मियों ने पीजी में फंसे दो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की सूचना सुबह करीब 11 बजे के आसपास मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने पांच फायर टेंडर मौके पर भेजे, जिन्होंने तेजी से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग के कारण इमारत में धुआं तेजी से भर गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई। दमकल कर्मियों ने विशेष उपकरणों और सुरक्षा उपायों की मदद से अंदर फंसे दोनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को घेर लिया। स्थानीय प्रशासन ने यातायात को भी अस्थायी रूप से डायवर्ट किया ताकि दमकल वाहनों और बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया गया कि इमारत के भीतर कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह जाए।

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए गए। बचाव अभियान पूरा होने के बाद लंबे समय तक कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। घटना के समय इमारत में मौजूद अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि आग से भवन के कुछ हिस्सों और नीचे संचालित जूता निर्माण इकाई को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन नुकसान का वास्तविक आकलन विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल आग लगने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ इमारत की विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा उपकरणों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों के दौरान व्यावसायिक इमारतों, फैक्ट्रियों और पीजी आवासों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों के बाद बार-बार अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया जाता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इमारतों में छात्र या बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, वहां फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य रूप से होने चाहिए। करोल बाग की इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share