
मुजफ्फरनगर में कथित सामूहिक धर्मांतरण पर बड़ा एक्शन
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कथित सामूहिक धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जहां आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर स्थानीय संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि गांव में एक परिसर में टेंट लगाकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 200 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आर्थिक सहायता, मुफ्त इलाज और अन्य सुविधाओं का लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान विरोध जताने पहुंचे लोगों ने इस गतिविधि को अवैध बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनके दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच शुरू की है। जांच के दौरान धार्मिक साहित्य और पहचान पत्र भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के प्रावधानों के तहत की गई है, जिसमें बल, प्रलोभन, दबाव या धोखाधड़ी के जरिए धर्म परिवर्तन कराना दंडनीय अपराध माना गया है। इस कानून में सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में कड़ी सजा और सख्त कानूनी प्रावधानों का भी उल्लेख है।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में सामने आए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अवैध धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद इस पूरे प्रकरण से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।



