
नोएडा इंजिनियर मौत मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
नोएडा के ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजिनियर युवराज मेहता की निर्माणाधीन साइट पर गहरे जल भरे गड्ढे में गिरकर मौत का मामला अब और गंभीर रूप ले रहा है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का विवरण सामने आया है।警方 के अनुसार युवराज की मौत asphyxiation (जल में डूबने) और हृदय की विफलता (heart failure) से हुई थी — यानी वह जल में सांस न ले पाने के कारण दम तोड़ बैठा था, साथ ही पोस्टमार्टम ने हृदय संबंधी दिक्कत को भी मौत में योगदानकर्ता बताया है।
पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि युवराज शामिल कार में सवेरे करीब 12.15 बजे गुरुग्राम से नोएडा सेक्टर-150 स्थित अपने घर लौट रहे थे, जब घने कोहरे और तेज़ रफ्तार की वजह से उनकी कार नियंत्रण खो बैठी और निर्माणाधीन बेसमेंट के 20-फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में जा गिरी।
युवराज ने हादसे के तुरंत बाद अपने पिता को फोन लगाया और कहा: “पापा, मैं पानी भरे गड्ढे में गिर गया हूँ, मुझे बचाइए… मैं नहीं मरना चाहता।” इसके कुछ ही मिनटों बाद कॉल कट गई। पुलिस, SDRF, NDRF और फायर ब्रिगेड ने लगभग 5 घंटे तक तलाश और बचाव कार्य किया, लेकिन तब तक युवराज की जान नहीं बचाई जा सकी और सुबह उनका शव बाहर निकाला गया।
परिवार और स्थानीय लोग प्रशासन पर तत्काल बचाव कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, यह कहते हुए कि कोहरे और ठंडे पानी के कारण बचाव दल ने देर से कदम उठाए, जबकि अगर विशेषज्ञ गोताखोर तुरंत गड्ढे में उतरते, तो शायद युवराज को बचाया जा सकता था।
इस बीच **पुलिस ने युवराज के पिता की शिकायत पर दो बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है और यह दावा किया है कि गड्ढे के आसपास बाउंडरी वॉल, फेंसिंग या रिफ्लेक्टर जैसे सुरक्षा इंतज़ाम नहीं थे, जिससे दुर्घटना और गंभीर बन गई। अधिकारियों ने सेक्टर-150 में यातायात कामों के लिए जिम्मेदार जूनियर इंजिनियर को बर्खास्त भी कर दिया है और अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह मामला सुरक्षा मानकों की अनदेखी, कोहरे में वाहन नियंत्रण खोने, बचाव प्रयासों में देरी तथा निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है, और जांच जारी है।



