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रेवाड़ी हत्याकांड

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हरियाणा के रेवाड़ी जिले से सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक की मौत को शुरुआत में हादसा या आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले ने एक भयावह साजिश का रूप ले लिया। पुलिस जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से मिले सबूतों ने खुलासा किया कि युवक की हत्या कथित तौर पर उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। मामले में 39 फोन कॉल और डिजिटल साक्ष्य सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे षड्यंत्र की परतें खोल दीं।

जानकारी के अनुसार मृतक युवक अपने घर से पत्नी से मिलने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नहर से बरामद हुआ। शुरुआत में घटना को दुर्घटना या आत्महत्या मान लिया गया, क्योंकि शरीर पर किसी तरह के गंभीर चोट के निशान नहीं मिले थे और उसकी स्कूटी भी नहर के किनारे खड़ी मिली थी। परिवार ने अंतिम संस्कार भी कर दिया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

मृतक के परिजनों को तब शक हुआ जब उन्हें उसका मोबाइल फोन वापस मिला और पता चला कि फोन का अधिकांश डेटा डिलीट किया जा चुका है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डाटा रिकवर कराया गया, जिसमें कॉल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि घटना वाले दिन मृतक और उसकी पत्नी के बीच कई बार संपर्क स्थापित करने की कोशिश हुई थी। कॉल रिकॉर्ड से यह भी संकेत मिला कि पत्नी लगातार अपने कथित प्रेमी के संपर्क में थी और दोनों के बीच लंबे समय से संबंध थे।

पुलिस के अनुसार, हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। आरोप है कि पत्नी ने अपने पति को मिलने के बहाने बुलाया, जहां पहले से उसका प्रेमी और अन्य सहयोगी मौजूद थे। इसके बाद युवक को काबू में कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को नहर में फेंक दिया गया, ताकि मामला डूबने से हुई मौत या आत्महत्या जैसा प्रतीत हो। आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की और मोबाइल से डेटा हटाकर जांच को गुमराह करने का प्रयास किया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला ने पति की मौत के बाद परिवार के साथ शोक मनाने का नाटक किया और अंतिम संस्कार तथा अन्य धार्मिक रस्मों में भी शामिल रही, जिससे किसी को उस पर संदेह न हो। हालांकि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों ने उसकी कथित भूमिका को उजागर कर दिया। पुलिस ने मामले में महिला और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी प्रेमी और एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। साइबर साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल सबूत जटिल आपराधिक मामलों की सच्चाई सामने लाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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