
Social Media Ads Scam: सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर Ad पर न करें भरोसा
आज के समय में Facebook, Instagram, YouTube और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते समय तरह-तरह के विज्ञापन सामने आते हैं। कभी बेहद कम कीमत में महंगे गैजेट, कभी नौकरी का ऑफर, तो कभी निवेश से मोटा रिटर्न देने का दावा किया जाता है। देखने में ये विज्ञापन बिल्कुल असली लग सकते हैं, लेकिन कई बार इनके पीछे साइबर ठगों का नेटवर्क काम कर रहा होता है।
ठग फर्जी विज्ञापन तैयार करने के लिए बड़ी कंपनियों के नाम, लोगो, तस्वीर और वेबसाइट डिजाइन तक की नकल कर लेते हैं। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद यूजर को ऐसी वेबसाइट पर पहुंचाया जा सकता है जो देखने में किसी मशहूर कंपनी की आधिकारिक साइट जैसी लगे। इसके बाद यहां मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंकिंग जानकारी या कार्ड डिटेल जैसी निजी जानकारी मांगी जा सकती है। यही जानकारी बाद में ठगी का जरिया बन सकती है।
फर्जी शॉपिंग विज्ञापन इस तरह की ठगी का एक आम तरीका हैं। उदाहरण के लिए किसी महंगे फोन या इलेक्ट्रॉनिक सामान पर 70-80 फीसदी तक की छूट दिखाकर यूजर को आकर्षित किया जाता है। इसके साथ ही “Limited Time Offer” या “Only Today” जैसे संदेश दिखाकर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया जाता है। जल्दबाजी में लोग वेबसाइट की जांच किए बिना पेमेंट कर देते हैं और बाद में या तो सामान नहीं मिलता या उनकी निजी जानकारी गलत हाथों में पहुंच सकती है।
सिर्फ शॉपिंग ही नहीं, नौकरी और निवेश से जुड़े विज्ञापन भी खतरा बन सकते हैं। कुछ फर्जी Ads घर बैठे हजारों रुपये कमाने, शेयर बाजार में गारंटीड मुनाफा दिलाने या कम निवेश में बड़ा रिटर्न देने का दावा करते हैं। सोशल मीडिया पर दिखने वाला कोई विज्ञापन अपने आप में इस बात की गारंटी नहीं है कि उसके पीछे मौजूद कंपनी या ऑफर वास्तविक है। FTC के मुताबिक सोशल मीडिया विज्ञापनों से शुरू होने वाली ठगी में उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
एक और गंभीर खतरा फर्जी ऐप डाउनलोड करवाने वाले विज्ञापनों से जुड़ा है। हाल में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C की चेतावनी के हवाले से रिपोर्ट किया गया कि Facebook और Instagram पर चलने वाले कुछ विज्ञापन यूजर्स को बाहरी वेबसाइट पर ले जाकर APK फाइल डाउनलोड करवाते हैं। इंस्टॉल होने के बाद ऐसे ऐप खतरनाक permissions मांग सकते हैं और Accessibility जैसी सुविधाओं का दुरुपयोग करके फोन पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसे विज्ञापनों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी ऑफर को देखकर तुरंत क्लिक या पेमेंट न करें। वेबसाइट का URL ध्यान से देखें और कंपनी का नाम अलग से सर्च करके उसकी आधिकारिक वेबसाइट तक पहुंचें। अगर किसी सामान की कीमत सामान्य बाजार मूल्य से बेहद कम है, निवेश पर पक्का मुनाफा देने का दावा किया जा रहा है या किसी अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करने को कहा जा रहा है, तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला विज्ञापन किसी सरकारी जांच या पूर्ण सत्यापन की मुहर नहीं होता। प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन मौजूद होने का मतलब यह नहीं कि ऑफर 100 फीसदी सुरक्षित है। इसलिए OTP, UPI PIN, कार्ड CVV, पासवर्ड या बैंकिंग लॉगिन जैसी संवेदनशील जानकारी किसी संदिग्ध लिंक या व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध विज्ञापन दिखने पर उसे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट भी किया जा सकता है।



