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जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामला: SIT जांच में खुलासा

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राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब और अधिक रहस्यमयी रूप ले चुका है, क्योंकि विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में अब यह बात सामने आई है कि प्रीम बाईसा को सिर्फ एक सामान्य दवा का इंजेक्शन नहीं बल्कि कई इंजेक्शन दिए गए थे। जांच टीम की प्रमुख एसीपी छवि शर्मा ने इस खुलासे को बताया है और कहा है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है लेकिन हर संभावित कड़ी को गंभीरता से देखा जा रहा है।

इस रहस्यमयी मौत की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को हुई जब प्रेम बाईसा को उनके आश्रम में हल्का जुकाम और गले में खराश की शिकायत के बाद एक कंपाउंडर को बुलाया गया। उस कम्पाउंडर, देवी सिंह, ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने बाईसा को सिर्फ एक नहीं बल्कि कई प्रकार के इंजेक्शन लगाए थे, जिनकी दवाओं की प्रकृति और मात्रा का अभी विस्तृत तौर पर विश्लेषण किया जा रहा है। SIT इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसके पास दर्द निवारक या अन्य दवाओं को देने का लाइसेंस व डिग्री वैध थी।

परिवार के सदस्यों के बयान और फॉरेंसिक जांच के दायरे में अब ये भी देखा जा रहा है कि क्या इंजेक्शनों का प्रभाव बाईसा की स्थिति को बिगाड़ने का कारण था या कुछ और गंभीर मामला है। पुलिस ने प्रेक्षा हॉस्पिटल और अस्पताल से जुड़ी मेडिकल रिकार्ड्स, सीसीटीवी फुटेज को भी नोटिस के तहत तलब किया है, ताकि पता चल सके कि अस्पताल में उन्हें किस हालत में लाया गया था और वहां क्या कार्रवाई हुई।

इसके अलावा SIT साध्वी से जुड़े बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की भी जाँच कर रही है, ताकि किसी तरह के संदिग्ध गतिविधि या वित्तीय दबाव की संभावना को समझा जा सके। टीम डिजिटल जांच के तहत मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट उपयोग और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। यह सब इस मामले को केवल एक मेडिकल घटना से आगे बढ़ा कर एक व्यापक जांच की दिशा में ले जा रहा है।

परिजनों और आसपास के लोगों के अनुसार, प्रेम बाईसा को इंजेक्शन के कुछ ही समय बाद तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई थी और सांस लेने में कठिनाई बढ़ गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार ने डॉक्टर की सलाह के बावजूद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था और उन्हें सीधे आश्रम ले जाया गया था, जिससे जांच को और भी जटिलता मिली।

हालांकि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई है और कई लोग इस मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ पोस्ट Instagram पर वायरल हुईं जिसमें प्रेम बाईसा ने कथित तौर पर “अग्नि परीक्षा” और “न्याय पाने” जैसे भावनात्मक शब्द लिखे हैं, जिससे मामला और भी गहराई में चला गया है।

जोधपुर पुलिस कमिश्नर और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और किसी भी तरह की साजिश को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। एसआईटी प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रेम बाईसा के पिता से भी पूछताछ की जा सकती है, क्योंकि यह मामला सभी पहलुओं से जांच के लिए खुला है।

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब सिर्फ एक स्वास्थ्य संकट नहीं रही है बल्कि कई अनसुलझे प्रश्न, इंजेक्शन के असर और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों सहित एक व्यापक जांच का विषय बन चुकी है। जैसे-जैसे SIT जांच आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला केवल एक आकस्मिक मृत्यु था या इसके पीछे कुछ और गहन वजहें हैं।

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