Advertisement
बिहारलाइव अपडेट
Trending

‘नीतीश कुमार की बुद्धि पूरी तरह से फेल’

Advertisement
Advertisement

बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी “बुद्धि पूरी तरह से फेल हो चुकी है।” पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया बयानों और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए और कहा कि राज्य का नेतृत्व अब प्रभावी नहीं रह गया है। उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।

तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने फैसलों और सार्वजनिक बयानों से स्वयं अपनी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सरकार काम कर रही है, उससे जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उनके अनुसार, राज्य में प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट दिशा का अभाव दिखाई दे रहा है और कई मुद्दों पर सरकार की स्थिति कमजोर नजर आती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली अब पहले जैसी नहीं रही और वे राजनीतिक रूप से अस्थिर दिखाई दे रहे हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और वर्तमान नेतृत्व से निराश है। हालांकि, उन्होंने किसी विशेष नीति या फैसले का विस्तार से उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके बयान से साफ है कि वे सरकार की समग्र कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

इस दौरान बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी यादव की तबीयत ठीक नहीं है और वे स्वास्थ्य कारणों से सदन में उपस्थित नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्राथमिकता है और जल्द ही वे सक्रिय राजनीति में पूरी तरह से लौटेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संभावित चुनावी रणनीतियों को देखते हुए इस तरह के बयान आने स्वाभाविक हैं। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिख रहा है। तेज प्रताप यादव का यह बयान आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तीखा बना सकता है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आ सकती है।

कुल मिलाकर, यह बयान केवल व्यक्तिगत टिप्पणी भर नहीं है, बल्कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सत्ता-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share