
रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन एक ऐसा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसके जरिए एडल्ट कंटेंट इंडस्ट्री को कानूनी अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाकर टैक्स से करीब $25 million यानी लगभग ₹237 करोड़ जुटाए जा सकते हैं। प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसद यारोस्लाव झेलेजन्याक के मुताबिक, इस रकम से युद्ध के लिए 30,000 तक ड्रोन खरीदे जा सकते हैं।
फिलहाल यूक्रेन में पोर्नोग्राफी बनाना और उसका वितरण करना गैरकानूनी है और इसके लिए 7 साल तक की सजा का प्रावधान बताया गया है। प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में यह गतिविधि जारी है, लेकिन सरकार को इससे पर्याप्त राजस्व नहीं मिल रहा। ऐसे में इसे कानूनी ढांचे में लाकर टैक्स वसूलने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
इस प्रस्ताव के पीछे सबसे बड़ा मकसद युद्ध के दौरान अतिरिक्त राजस्व जुटाना बताया जा रहा है। सांसद झेलेजन्याक के अनुसार, अगर एडल्ट एंटरटेनमेंट कारोबार को कानूनी अर्थव्यवस्था में शामिल किया जाता है तो इससे मिलने वाला टैक्स सैन्य जरूरतों में लगाया जा सकता है। उनका अनुमान है कि इस रकम से करीब 30,000 ड्रोन खरीदे जा सकते हैं।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। यूक्रेन ने अपने ड्रोन उत्पादन और इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाया है और हाल के महीनों में रूसी क्षेत्र के भीतर भी उसके ड्रोन हमलों की संख्या और पहुंच बढ़ी है।
मौजूदा व्यवस्था को लेकर यूक्रेन में एक अजीब कानूनी स्थिति भी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, एडल्ट कंटेंट बनाने वाले कुछ लोगों से टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन जिस गतिविधि से उनकी आय हो रही है, वही कानून के तहत अपराध बनी हुई है। प्रस्ताव के समर्थक इसी विरोधाभास को खत्म करने की दलील दे रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों ने अपनी कमाई सरकार को बताकर टैक्स देने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें टैक्स चोरी और गैरकानूनी तरीके से एडल्ट कंटेंट बनाने के आरोपों का सामना करना पड़ा। इसी वजह से प्रस्ताव के समर्थक स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बनाने की बात कर रहे हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल यह एक प्रस्तावित कानूनी बदलाव है, लागू हो चुका कानून नहीं। इसलिए 30,000 ड्रोन की खरीद को भी निश्चित फैसला नहीं माना जा सकता। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और अनुमान के मुताबिक राजस्व जुटता है, तभी इस रकम को सैन्य खरीद में इस्तेमाल करने की योजना आगे बढ़ सकेगी।
यूक्रेन के लिए ड्रोन अब युद्ध का बेहद अहम हिस्सा बन चुके हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2026 की गर्मियों में यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों, लॉजिस्टिक्स और हवाई यातायात तक को प्रभावित किया है। ऐसे में ड्रोन खरीदने के लिए अतिरिक्त फंड जुटाने की कोशिश को युद्ध की बदलती रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।



