Advertisement
उत्तर प्रदेशलाइव अपडेट
Trending

यूपी में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव

Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। राज्य की सभी 10 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ और समाजवादी पार्टी (SP) के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा कर दी। किसी अन्य वैध उम्मीदवार के मैदान में नहीं रहने के कारण इन सीटों पर मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।

बीजेपी के इन आठ उम्मीदवारों ने दर्ज की जीत

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए भाजपा के आठ उम्मीदवारों में विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, गोपी कृष्ण पांडेय, धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।

भाजपा ने इन उम्मीदवारों के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। उम्मीदवारों के चयन को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

सपा के रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी भी निर्विरोध चुने गए

समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इस तरह सपा को राज्य की 10 सीटों में से दो सीटें मिली हैं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना पर भी चर्चा थी, लेकिन पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया। इससे भाजपा और सपा के बीच संभावित चुनावी मुकाबले की स्थिति नहीं बनी।

दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज

चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों—कांटे स्याना और ओंकार नाथ चौरसिया—के नामांकन पत्र जरूरी शर्तें पूरी नहीं करने के कारण खारिज कर दिए गए थे। इसके बाद भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों सहित कुल 10 वैध उम्मीदवार ही मैदान में रह गए।

राज्यसभा की 10 सीटों के मुकाबले 10 ही वैध उम्मीदवार होने के कारण सभी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया था। नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने इसकी औपचारिक घोषणा कर दी।

क्यों अहम है उत्तर प्रदेश का राज्यसभा चुनाव?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की संख्या राज्यसभा की आठ सीटें जीतने के लिए पर्याप्त मानी जा रही थी, जबकि सपा के पास दो सीटें जीतने की स्थिति थी। ऐसे में चुनावी गणित ने दोनों दलों के उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ कर दिया।

इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के चयन को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी का सामाजिक समीकरण और संगठन से जुड़े चेहरों को प्राथमिकता देना उसकी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राज्यसभा के उत्तर प्रदेश से निर्वाचित 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। इसी वजह से राज्य की इन सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के साथ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share