
गुजरात में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठन ISIS का प्रचार-प्रसार करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने अंजाम दिया, जिसने लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था और वहां ISIS से जुड़ी कट्टरपंथी विचारधारा, वीडियो और पोस्ट साझा कर रहा था। जांच एजेंसियों को पता चला कि वह न केवल इस तरह की सामग्री पोस्ट कर रहा था, बल्कि अन्य युवाओं को भी इससे प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
ATS अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की गतिविधियों का खुलासा नियमित सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान हुआ। उसके मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइसेज की जांच में कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जिसमें आतंकी संगठन से जुड़े वीडियो, संदेश और प्रचार सामग्री शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कुछ अंतरराष्ट्रीय संपर्कों में भी था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि अभी तक किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश से उसका सीधा संबंध सामने नहीं आया है, लेकिन एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही हैं।
गुजरात ATS ने आरोपी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर इस तरह की गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में आतंकी संगठन सोशल मीडिया को एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वे युवाओं को प्रभावित करने, विचारधारा फैलाने और भर्ती करने के लिए ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लेते हैं।
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि देश में साइबर मॉनिटरिंग और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही आम लोगों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को देने की आवश्यकता है।
फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क, संपर्कों और संभावित साजिशों को लेकर हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।



