Advertisement
उत्तर प्रदेशलाइव अपडेट
Trending

राम मंदिर दान विवाद पर बोले योगी आदित्यनाथ

Advertisement
Advertisement

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ व्यक्तियों के कथित कृत्यों के आधार पर पूरे राम मंदिर ट्रस्ट या अयोध्या की छवि को धूमिल करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान जिन लोगों के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंदिर में दान की गणना और प्रबंधन से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक केवल कुछ व्यक्तियों के खिलाफ ही पर्याप्त प्रमाण सामने आए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस पूरे मामले का इस्तेमाल धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रहे हैं। योगी ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भगवान राम और राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया, वही आज मंदिर और श्रद्धालुओं की चिंता जताने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे जनता को भ्रमित करने की राजनीति बताते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराना है। उनके अनुसार, जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और किसी भी स्तर पर दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियां भी बरामद की गई हैं। साथ ही कई बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि कथित वित्तीय लेनदेन और धन के उपयोग का पूरा विवरण सामने आ सके। इस मामले ने मंदिर प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।

इस बीच मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच की प्रगति पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है और केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी जवाब तलब किया है। इससे स्पष्ट है कि इस पूरे प्रकरण पर न्यायिक स्तर पर भी गंभीर निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में SIT की जांच, अदालत में होने वाली सुनवाई और सरकार की आगे की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share