
पूर्व DGMO राजीव घई ने बताया कि भारत की कार्रवाई इतनी प्रभावी थी कि पाकिस्तान की एयर डिफेंस प्रणाली भी कई जगहों पर पूरी तरह असफल साबित हुई। भारतीय लड़ाकू विमानों और ड्रोन तकनीक ने पाकिस्तानी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान को समझ आया कि भारत पीछे हटने वाला नहीं है, तब उसने सैन्य और कूटनीतिक चैनलों के जरिए ऑपरेशन रोकने की अपील शुरू की।
इस बीच भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ऑपरेशन को लेकर बड़े दावे किए हैं। एयर मार्शल अवदेश कुमार भारती ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड्स और 13 एयरक्राफ्ट्स को निशाना बनाकर नष्ट किया था। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के पूरे सबूत मौजूद हैं और यह भारत की सैन्य क्षमता का प्रमाण है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की सैन्य नीति में बड़ा बदलाव दिखाया।
पहले भारत अक्सर संयम की नीति अपनाता था, लेकिन इस ऑपरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारत आतंकवादी हमलों का जवाब सीधे और निर्णायक तरीके से देगा। कई विशेषज्ञ इसे बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मान रहे हैं। ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए हथियारों और तकनीकों की भी काफी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने SCALP क्रूज मिसाइल, HAMMER बम, ब्रह्मोस मिसाइल और कामिकाजे ड्रोन जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट निगरानी ने भी ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
पूर्व DGMO ने कहा कि इस अभियान ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर चल रहा है। उन्होंने भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल की भी तारीफ की। उनके अनुसार यह ऑपरेशन पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन था। राजनीतिक स्तर पर भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कई बार इस ऑपरेशन का जिक्र कर चुके हैं।
सरकार का कहना है कि भारत अब आतंकवाद को उसकी जड़ में जाकर खत्म करने की नीति पर काम कर रहा है। संसद में भी इस ऑपरेशन को लेकर जोरदार बहस हो चुकी है। ऑपरेशन की वर्षगांठ पर देशभर में सैनिकों के सम्मान में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। सोशल मीडिया पर भी लोग भारतीय सेना की कार्रवाई की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले का जवाब बेहद सख्ती से देगा।



