
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार खिलाड़ी MS Dhoni एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि टैक्स भुगतान है। महेंद्र सिंह धोनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में सबसे ज्यादा टैक्स भरकर झारखंड और बिहार क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बना दिया है। आयकर विभाग के मुताबिक धोनी ने करीब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का एडवांस टैक्स जमा किया है, जिससे वे इस क्षेत्र के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बन गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार धोनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 20.30 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा बताया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धोनी लगातार कई वर्षों से सबसे अधिक टैक्स भरने वालों की सूची में शामिल रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
धोनी की कमाई सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है। इंडियन प्रीमियर लीग में Chennai Super Kings के साथ उनका कॉन्ट्रैक्ट, बड़े ब्रांड एंडोर्समेंट, बिजनेस निवेश और विभिन्न कंपनियों के साथ जुड़ाव उनकी आय के बड़े स्रोत हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। यही कारण है कि वे आज भी भारत के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।
IPL 2026 में भी धोनी की लोकप्रियता चरम पर दिखाई दी। हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन इस सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन स्टेडियम में सबसे ज्यादा चर्चा धोनी की ही रही। हर मैच में दर्शकों का उत्साह यह दिखाता रहा कि क्रिकेट फैंस के बीच उनकी दीवानगी अब भी बरकरार है।
आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड-बिहार क्षेत्र में टैक्स कलेक्शन में इस बार बड़ा उछाल देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र से कुल टैक्स संग्रह लगभग 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें कॉर्पोरेट टैक्स और व्यक्तिगत आयकर दोनों का बड़ा योगदान रहा। आर्थिक गतिविधियों में तेजी और डिजिटल लेनदेन बढ़ने को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
धोनी के अलावा कई बड़े कारोबारी और उद्योगपति भी इस सूची में शामिल हैं, लेकिन व्यक्तिगत टैक्सपेयर के रूप में धोनी सबसे आगे रहे। इससे पहले भी वे कई बार झारखंड के सबसे बड़े टैक्सदाता रह चुके हैं। रांची में रहने वाले धोनी को राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर भी माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी खिलाड़ी का इतनी बड़ी मात्रा में टैक्स भुगतान करना यह दिखाता है कि भारत में स्पोर्ट्स इंडस्ट्री कितनी तेजी से आर्थिक ताकत बनती जा रही है। पहले जहां खिलाड़ियों की कमाई मुख्य रूप से मैच फीस तक सीमित रहती थी, वहीं अब ब्रांडिंग, विज्ञापन और बिजनेस निवेश के जरिए उनकी आय कई गुना बढ़ चुकी है।
धोनी ने अपने करियर में सिर्फ क्रिकेट मैदान पर ही नहीं बल्कि आर्थिक अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म में भी अलग पहचान बनाई है। यही वजह है कि वे युवाओं के लिए एक रोल मॉडल माने जाते हैं। क्रिकेट के अलावा वे खेती, बाइक कलेक्शन, होटल बिजनेस और फिटनेस सेक्टर में भी निवेश कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर भी धोनी के टैक्स रिकॉर्ड की काफी चर्चा हो रही है। फैंस इसे “देशभक्ति” और “जिम्मेदार नागरिक” की मिसाल बता रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि जिस खिलाड़ी ने भारत को विश्व कप जिताया, वही अब टैक्स भुगतान में भी देश के लिए उदाहरण बन रहा है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े सेलिब्रिटीज का टैक्स योगदान और तेजी से बढ़ सकता है। IPL जैसे टूर्नामेंट ने खिलाड़ियों की कमाई को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है और इसका सीधा फायदा सरकार के टैक्स कलेक्शन में भी दिखाई दे रहा है।



