
भारतीय क्रिकेट जगत में उस समय हलचल मच गई जब युवा स्टार बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी NADA की ओर से नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों खिलाड़ी निर्धारित डोप टेस्ट के दौरान उपलब्ध नहीं थे, जिसके बाद एजेंसी ने उनसे जवाब मांगा है। यह मामला सामने आने के बाद क्रिकेट फैंस और खेल जगत में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा दोनों NADA के “रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल” यानी RTP का हिस्सा हैं। इस पूल में शामिल खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन और उपलब्धता की जानकारी नियमित रूप से देनी होती है ताकि किसी भी समय अचानक डोप टेस्ट किया जा सके। नियमों के तहत यदि कोई खिलाड़ी तय समय पर उपलब्ध नहीं मिलता तो उसे “वेयरअबाउट्स फेल्योर” माना जाता है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शेफाली वर्मा नवंबर 2025 में निर्धारित टेस्ट के दौरान उपलब्ध नहीं थीं, जबकि यशस्वी जायसवाल दिसंबर 2025 में टेस्ट के लिए मौजूद नहीं पाए गए।
इसके बाद NADA ने दोनों खिलाड़ियों को नोटिस भेजते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। हालांकि अभी तक यह मामला किसी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन से जुड़ा नहीं बताया गया है। फिलहाल यह केवल निर्धारित डोप टेस्ट मिस करने का मामला है। एंटी डोपिंग नियमों के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी 12 महीनों के भीतर तीन बार टेस्ट मिस करता है या लोकेशन से जुड़ी जानकारी गलत देता है, तो इसे एंटी डोपिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है और खिलाड़ी पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
इस पूरे मामले में BCCI और ICC को भी जानकारी दे दी गई है। क्रिकेट बोर्ड फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभी तक न तो यशस्वी जायसवाल और न ही शेफाली वर्मा की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने आया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए डोपिंग नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एंटी डोपिंग सिस्टम काफी सख्त माना जाता है।
यशस्वी जायसवाल इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकदार युवा सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने टेस्ट और सीमित ओवर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। दूसरी तरफ शेफाली वर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में शामिल हैं और कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिला चुकी हैं। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों का नाम इस तरह के मामले में आने से फैंस भी हैरान हैं।
खेल जगत के जानकारों का मानना है कि यह मामला खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सबक भी हो सकता है। आधुनिक खेलों में फिटनेस, डाइट और मेडिकल निगरानी के साथ-साथ एंटी डोपिंग प्रोटोकॉल का पालन भी उतना ही जरूरी हो गया है। कई बार खिलाड़ी व्यस्त शेड्यूल, यात्रा या कम्युनिकेशन गैप के कारण टेस्ट मिस कर देते हैं, लेकिन नियमों के अनुसार इसकी जिम्मेदारी खिलाड़ी की ही मानी जाती है। फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब NADA की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
यदि खिलाड़ियों का जवाब संतोषजनक पाया जाता है तो मामला वहीं खत्म हो सकता है, लेकिन यदि आगे भी इस तरह की घटनाएं होती हैं तो यह उनके करियर पर असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि NADA इस पूरे मामले में क्या फैसला लेती है और दोनों खिलाड़ी किस तरह अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं।



