
दिल्ली की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उसे सीमित अवधि की पैरोल मंजूर की है ताकि वह अपनी गंभीर रूप से बीमार मां से मुलाकात कर सके। कोर्ट ने यह राहत मानवीय आधार पर दी है, हालांकि इसके साथ कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नीरज बवाना को पुलिस हिरासत और कड़े सुरक्षा घेरे में मां से मिलने की अनुमति दी गई है। उसकी आवाजाही के दौरान दिल्ली पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नीरज बवाना लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों में तिहाड़ जेल में बंद है और उसे उच्च जोखिम वाला कैदी माना जाता है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि पैरोल का उद्देश्य केवल पारिवारिक और मानवीय कारणों से मुलाकात की अनुमति देना है। उसे निर्धारित समय और तय स्थानों के अलावा कहीं जाने या अन्य लोगों से मिलने की छूट नहीं होगी। इससे पहले भी अदालत ने विशेष परिस्थितियों में उसे अपनी पत्नी के इलाज और मुलाकात के लिए सीमित अवधि की कस्टडी पैरोल दी थी, जिसमें केवल परिवार और चिकित्सकों से मिलने की अनुमति दी गई थी।
नीरज बवाना की पैरोल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि उसकी जेल से अस्थायी रिहाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। इसी वजह से उसके पूरे मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी और हर चरण में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
गौरतलब है कि नीरज बवाना का नाम दिल्ली-एनसीआर के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में लिया जाता रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के इस फैसले को कानूनी और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



