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केरल में शिगेला संक्रमण से बढ़ी चिंता

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केरल में तेजी से फैल रहे शिगेला संक्रमण (Shigellosis) ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस बैक्टीरियल संक्रमण से दो और लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। ताजा मामलों में मलप्पुरम जिले के एक बच्चे और त्रिशूर जिले के एक व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम के उपायों को और तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में शिगेला संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, मलप्पुरम के एक बच्चे को तेज बुखार और गंभीर दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं त्रिशूर में एक व्यक्ति की मौत के बाद हुई जांच में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई। इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद राज्य में इस वर्ष शिगेला से होने वाली मौतों की संख्या पांच तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान कर रहा है और प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

शिगेला दरअसल एक अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन, गंदे पानी और खराब स्वच्छता के कारण फैलता है। यह बीमारी आंतों को प्रभावित करती है और संक्रमित व्यक्ति को दस्त, बुखार, पेट में दर्द, उल्टी तथा कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में मरीज के मल में खून या म्यूकस भी दिखाई दे सकता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में यह संक्रमण अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिगेला संक्रमण बहुत तेजी से फैल सकता है क्योंकि इसकी संक्रामक क्षमता काफी अधिक होती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित पानी पीने या संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन से यह बीमारी फैल सकती है। कई बार स्कूलों, छात्रावासों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इसके समूहिक संक्रमण के मामले भी सामने आते हैं। हाल के दिनों में केरल के वायनाड, कोझिकोड, कन्नूर और अन्य जिलों में भी शिगेला के कई मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना, उबला या शुद्ध पानी पीना तथा खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचना संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। अधिकारियों ने स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में भी स्वच्छता संबंधी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

केरल में शिगेला के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि संक्रमण नियंत्रण में है, लेकिन लगातार सामने आ रहे नए मामलों और मौतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में विशेषज्ञ समय रहते लक्षण पहचानने और तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर उपचार मिल जाए तो अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं, लेकिन लापरवाही की स्थिति में गंभीर डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। यही कारण है कि केरल में शिगेला संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ निगरानी और परीक्षण की प्रक्रिया को भी तेज कर रहा है।

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