
मुंबई में मानसून के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। चेंबूर इलाके में बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर पड़ा, जिससे बस में सवार छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 11 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे घायल हो गए हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:50 बजे चेंबूर के 11 नंबर रोड क्षेत्र में हुई। उस समय बस में करीब 12 से 15 स्कूली बच्चे सवार थे और वह बच्चों को लेकर स्कूल से घर की ओर जा रही थी। अचानक सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा पीपल का पेड़ उखड़कर बस के ऊपर गिर गया। हादसे में बस का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई बच्चे उसकी चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। बस चालक, परिचालक और आसपास मौजूद नागरिकों ने मिलकर बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ बच्चों का उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश बच्चों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कुछ छात्रों की हालत को लेकर डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई में मानसून के दौरान पेड़ों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर इलाके के पुराने और जर्जर पेड़ों की छंटाई कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। अब इस हादसे के बाद नागरिक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मुंबई में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने और दीवारें गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने भी शहर में तेज बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के कारण पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर पेड़ों की जांच और रखरखाव करना बेहद जरूरी हो जाता है।
फिलहाल इस दुखद घटना ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेड़ गिरने के पीछे प्राकृतिक कारण थे या रखरखाव में लापरवाही की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महानगरों में मानसून के दौरान नागरिक सुरक्षा को लेकर किस तरह की तैयारी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।



