
पंजाब के फिरोजपुर जिले में आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की रविवार, 30 अगस्त 2026 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात ममदोट इलाके में हुई, जहां 4 हथियारबंद हमलावरों ने कथित तौर पर कार से उनका पीछा किया और मौका मिलते ही उन पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने घटना की पुष्टि की है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, हमलावर एक कार में सवार होकर आए थे। उन्होंने गुरप्रीत सिंह को निशाना बनाते हुए फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जानकारी में हमलावरों की संख्या 4 बताई जा रही है, लेकिन उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच टीम आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और घटना से जुड़े दूसरे सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
गुरप्रीत सिंह गोपी AAP से जुड़े सक्रिय नेता बताए जाते हैं। उनकी हत्या के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में रोष है। इस वारदात ने पंजाब में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल हत्या का मकसद स्पष्ट नहीं है। पुलिस राजनीतिक रंजिश समेत अलग-अलग संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
गौरतलब है कि पंजाब में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में इस ताजा हत्या ने राज्य में राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि गुरप्रीत सिंह को किस वजह से निशाना बनाया गया और इस हमले के पीछे कौन लोग थे।



