
गुरुग्राम में अब बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर
जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए अब सरकारी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत कोई भी पुराना या नया कोचिंग सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित नहीं किया जा सकेगा। हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। नियमों के मुताबिक कोचिंग संस्थानों को निर्धारित सरकारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
10 हजार रुपये होगा रजिस्ट्रेशन शुल्क
नियमों के अनुसार कोचिंग संस्थान के पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन जमा होने के बाद सक्षम प्राधिकारी दस्तावेजों की जांच करेगा। सामान्य स्थिति में आवेदन की जांच 30 दिनों के भीतर की जाएगी। यदि आवेदन में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो संस्थान को इसकी जानकारी लिखित रूप से दी जाएगी और कमियों को दूर करने के लिए समय दिया जाएगा।
पंजीकरण प्रमाणपत्र की वैधता तीन साल होगी। इसके बाद संस्थान को अपना रजिस्ट्रेशन नवीनीकृत कराना होगा। नवीनीकरण के लिए 5 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमों के मुताबिक नवीनीकरण के लिए प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने से कम से कम एक महीने पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
फीस, रिफंड और शिक्षकों की जानकारी देनी होगी
नए नियमों में कोचिंग संस्थानों के लिए केवल रजिस्ट्रेशन ही जरूरी नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें संस्थान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध करानी होंगी। इनमें पाठ्यक्रम, उसकी अवधि, विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस, फीस वापसी की नीति और एक बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या जैसी जानकारी शामिल है।
इसके अलावा संस्थान को अपने शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और बायोडाटा तथा काउंसलर और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से संबंधित विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को कोचिंग संस्थान की व्यवस्था और वहां उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
छात्रों की सुरक्षा पर भी जोर
नियमों में कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। संस्थान को फर्नीचर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और पार्किंग जैसी सुविधाओं की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा पुस्तकालय या रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड और कंप्यूटर लैब जैसी उपलब्ध सुविधाओं का विवरण भी देना होगा।
रिकॉर्ड रखना और सालाना रिपोर्ट देना जरूरी
पंजीकरण मिलने के बाद भी कोचिंग संस्थानों को नियमों का पालन करना होगा। संस्थानों को निर्धारित रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखना होगा और आवश्यक जानकारी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। साथ ही जिला प्रशासन को हर साल जरूरी रिपोर्ट भी देनी होगी। इससे संस्थानों की गतिविधियों और नियमों के अनुपालन की निगरानी की जा सकेगी।
नियमों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और फीस तथा संस्थान की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट करना है। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नए नियम पूरे हरियाणा में निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण और विनियमन का ढांचा तय करते हैं।



