
टेक्नोलॉजी कंपनी Meta ने अपनी नई वर्चुअल रियलिटी डिवाइस Meta VR Glasses पेश कर दी है। कंपनी ने इसे पारंपरिक भारी VR हेडसेट से अलग डिजाइन किया है और इसका वजन करीब 100 ग्राम रखा गया है। Meta के मुताबिक, यह डिवाइस यूजर्स को घर पर ही बड़े पर्दे जैसा सिनेमाई अनुभव, लाइव स्पोर्ट्स में फ्रंट-रो सीट और वर्चुअल वर्कस्पेस जैसी सुविधाएं देगी। इसकी शुरुआती कीमत 1,299.99 डॉलर रखी गई है और बिक्री 2027 के वसंत में शुरू होगी।
Meta VR Glasses की सबसे खास बात इसका करीब 100 ग्राम का वजन है। कंपनी के अनुसार यह Meta Quest 3 की तुलना में लगभग पांच गुना हल्का है। वजन कम करने के लिए Meta ने प्रोसेसर, बैटरी, स्टोरेज और अन्य कंप्यूटिंग हार्डवेयर को चश्मे के फ्रेम में रखने के बजाय एक अलग छोटे डिवाइस यानी पॉक में दिया है। यह पॉक केबल के जरिए ग्लासेस से जुड़ा रहता है और इसे जेब या बैग में रखा जा सकता है।
डिस्प्ले की बात करें तो Meta VR Glasses में 5K Infinite Display दिया गया है, जो माइक्रो-OLED पैनल पर आधारित है। इसमें 37 पिक्सल प्रति डिग्री का डिस्प्ले डेंसिटी मिलता है। कंपनी ने इसमें Dolby Vision और Dolby Atmos का सपोर्ट दिया है, जिससे फिल्मों और दूसरे वीडियो कंटेंट में बेहतर विजुअल और स्पैटियल ऑडियो का अनुभव मिलने का दावा किया गया है। डिवाइस को IMAX Enhanced सर्टिफिकेशन भी मिला है।
कंपनी इस डिवाइस को सिर्फ VR गेमिंग के लिए नहीं बल्कि एक पर्सनल सिनेमा की तरह भी पेश कर रही है। Meta के मुताबिक, यूजर्स 3D फिल्में देख सकेंगे और Disney+ समेत कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के कंटेंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। कुछ फिल्मों के लिए खास इमर्सिव सिनेमाई अनुभव तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें स्क्रीन के आसपास का वर्चुअल माहौल फिल्म की थीम के हिसाब से बदल सकता है।
स्पोर्ट्स देखने वालों के लिए भी इसमें खास फीचर दिए गए हैं। Meta ने ESPN, MLB, NBC Sports, TNT Sports और UFC जैसे पार्टनर्स के साथ इमर्सिव स्पोर्ट्स अनुभव तैयार करने की बात कही है। कंपनी के अनुसार Meta VR Glasses के लॉन्च के बाद हर साल 100 से ज्यादा इमर्सिव लाइव स्पोर्ट्स इवेंट देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें दर्शक 180 डिग्री व्यू के साथ ऐसा अनुभव ले सकेंगे जैसे वे मैदान में बेहतर सीट से मैच देख रहे हों।
Meta VR Glasses को वर्कस्पेस के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें यूजर अपने सामने कई वर्चुअल स्क्रीन लगा सकता है और Mac या PC के डिस्प्ले को भी मिरर कर सकता है। खास बात यह है कि डिवाइस किसी भी फ्लैट सतह पर वर्चुअल कीबोर्ड और टचपैड प्रोजेक्ट कर सकता है। इससे यूजर बिना अलग फिजिकल मॉनिटर के बड़े वर्चुअल वर्कस्पेस में काम कर सकेगा।
डिवाइस को कंट्रोल करने के लिए आंखों की ट्रैकिंग और हैंड जेस्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है। Meta के मुताबिक, यूजर हाथ के इशारों से ऐप खोलने, फिल्म चलाने और वर्कस्पेस बदलने जैसे काम कर सकेगा। इसमें Meta AI को भी ऑपरेटिंग सिस्टम के स्तर पर शामिल किया गया है, जिससे यूजर आवाज, आंखों और हाथ के जेस्चर के जरिए अलग-अलग फीचर्स को नियंत्रित कर सकता है।
Meta ने इसमें Hologram Calling नाम का फीचर भी पेश किया है। इसके जरिए वीडियो कॉल के दौरान सामने वाले व्यक्ति का फोटो-रियलिस्टिक डिजिटल रूप वर्चुअल स्पेस में दिखाई दे सकता है। कंपनी के मुताबिक, यह फीचर WhatsApp और Zoom जैसे कॉलिंग प्लेटफॉर्म के साथ काम करेगा। सामने मौजूद व्यक्ति का डिजिटल अवतार रियल टाइम एक्सप्रेशन और स्पैटियल ऑडियो के साथ दिखाई देने के लिए डिजाइन किया गया है।
बैटरी के लिए अलग पॉक दिया गया है, जो लगातार हाई-रेजोल्यूशन मीडिया प्लेबैक में करीब तीन घंटे तक चलने का दावा करता है। यह 45W फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। बाहरी पॉक की वजह से चश्मे के वजन को कम रखना संभव हुआ है, हालांकि यूजर को ग्लासेस और पॉक के बीच कनेक्शन के लिए केबल का इस्तेमाल करना होगा।
Meta VR Glasses की कीमत 1,299.99 डॉलर रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.13 लाख रुपये के आसपास बैठती है, हालांकि भारत में लॉन्च कीमत अलग हो सकती है। कंपनी ने इसकी बिक्री 2027 के वसंत में शुरू करने की जानकारी दी है। शुरुआती उपलब्धता उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के बाजारों में होने की बात कही गई है।



