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दिल्ली (यूटी)

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न, CJP ने बताया युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के…
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भारत

प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को सरकार देगी ₹4,000 प्रति एकड़ की सहायता, खेती की लागत घटाने पर सरकार का बड़ा जोर
देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की उत्पादन लागत कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने…
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उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार का सख्त संदेश, हुड़दंगियों को चेतावनी; सुरक्षा और व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने…
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समाचार

IPS अंजलि विश्वकर्मा का छत्तीसगढ़ कैडर में तबादला मंजूर, IPS उदित पुष्कर से शादी के बाद शुरू होगा नया सफर
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की चर्चित अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा का उत्तर प्रदेश कैडर से छत्तीसगढ़ कैडर में अंतर-कैडर (Inter-Cadre) तबादला…
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राजनीति

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान हैं क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर’, इस्तीफे की मांग दोहराई
देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी…
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दिल्ली (यूटी)

दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला; यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह
दिल्ली में जारी बड़े विरोध प्रदर्शन और संसद क्षेत्र के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन…
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खेल

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में झंडू कुमार ने दिलाया पहला पदक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- पूरे देश को किया गौरवान्वित
ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) में भारत ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहला पदक…
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दिल्ली (यूटी)

दिल्ली में दर्दनाक सड़क हादसा, नाले में गिरी कार; सेना अधिकारी के 20 वर्षीय बेटे की मौत से पसरा मातम
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। भारतीय सेना के…
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महाराष्ट्र

नीट पेपर लीक के विरोध में महाराष्ट्र में निकलेगी तिरंगा यात्रा, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर दिखाएंगे शक्ति प्रदर्शन
महाराष्ट्र में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब और व्यापक होने जा रहा है। छात्रों…
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विश्व

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अत्यधिक सुरक्षित माने जाने वाले भूमिगत परमाणु परिसर ‘पिकऐक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंता पैदा कर दी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को जारी रखता है और क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए खतरा बना रहता है, तो अमेरिका इस ठिकाने को भी निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल राजनीतिक दबाव बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। जिस ठिकाने को लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है, वह ईरान के नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र के निकट पहाड़ के भीतर बनाया गया एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर माना जाता है। इस परियोजना का निर्माण कई वर्षों से जारी है और उपग्रह तस्वीरों के आधार पर माना जाता है कि इसे इतनी गहराई में तैयार किया गया है कि पारंपरिक बमों से इसे नुकसान पहुंचाना बेहद कठिन होगा। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इस परिसर का उपयोग उन्नत सेंट्रीफ्यूज, यूरेनियम संवर्धन या परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए कर सकता है, हालांकि ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के किसी भी नए परमाणु ठिकाने को सुरक्षित नहीं रहने देगा और जरूरत पड़ने पर इस पहाड़ी परिसर पर भी हमला किया जा सकता है। हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री मार्गों, विशेषकर होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों ने पहले ही पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। ऐसे में ट्रंप का यह नया बयान कूटनीतिक प्रयासों के बजाय सैन्य विकल्पों को प्राथमिकता देने का संकेत माना जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पिकऐक्स माउंटेन’ जैसे भूमिगत परिसर पर हमला करना किसी भी सैन्य अभियान के लिए बड़ी चुनौती होगा। यह परिसर पहाड़ के भीतर काफी गहराई में स्थित बताया जाता है और इसकी सुरक्षा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सामान्य बमबारी से इसे गंभीर नुकसान पहुंचाना आसान नहीं होगा। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका इस प्रकार की कार्रवाई करता है तो उसे विशेष प्रकार के भारी बंकर-भेदी हथियारों और कई चरणों वाले अभियान की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बावजूद इस बात को लेकर मतभेद हैं कि ऐसा हमला वास्तव में इस परिसर को पूरी तरह निष्क्रिय कर पाएगा या नहीं। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ गई है। कई देशों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ा तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण कई देश लगातार कूटनीतिक समाधान और वार्ता के जरिए संकट कम करने की अपील कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति…
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