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ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया गया

ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया गया। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर भंडारे की धूम रही। जगह-जगह प्याऊ लगाया गया। श्रद्धालुओं ने बरजंग बली के जयकारे लगाए गए। हनुमानगढ़ी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
बड़ा मंगल के अवसर पर भोर में मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालुओं के जयकारे से मंदिर परिसर गूंजने लगा। जय हनुमान, जय बजरंग बली के नारों के साथ लोगों ने बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। मालवीयनगर स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। दुखहरण नाथ मंदिर के समीप एलबीएस कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष उमेश शुक्ल के नेतृत्व में भंडारे का आयोजन किया गया। इसके अलावा महिला अस्पताल चौराहा, सरयू प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज, लोक निर्माण विभाग के सामने, स्टेेशन रोड सहित तमाम स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। पूड़ी, सब्जी, नुकती, कढ़ी, चावल, छोला आदि वितरित किया गया। बालेश्वरगंज में कस्बावासियों के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां हनुमान जी की पूजा के पश्चात राहगीरों को पूड़ी, चना, हलवा, बूंदी, कढ़ी, चावल का प्रसाद वितरित किया गया। वजीरगंज, चंदापुर, तुर्काडीहा आदि स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
मनकापुर के शास्त्री नगर रेलवे स्टेशन चौराहे पर प्रसाद वितरण किया गया। हनुमान जी महाराज की पूजा, आरती की गई। मोहल्ला राजेंद्र नगर में बाबा चकचकादास मंदिर व पंचायती श्री बाला जी महाराज मंदिर, मछली बाजार में स्थित श्री हनुमान जी मंदिर, बल्लीपुर के निर्मल नगर चौराहे पर बजरंग बली मंदिर, किशुनदासपुर में ब्रह्मदेव स्थान पर हनुमान मंदिर, आईटीआई के संकट मोचन मंदिर में सुबह भक्तों ने पूजन-अर्चन किया। प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके सभासद वैभव सिंह, दुर्गेश सोनी उर्फ बब्लू सोनी, पवन चौधरी, संतोष कसौधन का सहयोग रहा।
काजीदेवर स्थित जुगेश्वर नाथ मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। बालपुर व फतेहपुर सहित अन्य स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। पूजा अर्चना करके मंगल कामना की। बटौरा बाबा के महंत खुशी राम दूबे ने बताया कि जेठ माह के मंगलवार का विशेष महत्व है। मंगलवार को मंदिर परिसर में भंडारा होगा। जिसमें सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, लखनऊ के श्रद्धालु शामिल होगे। अंबिका पुरी शक्ति धाम में विशेष पूजा पाठ का आयोजन हुआ। इस दौरान विजय कुमार उपाध्याय, प्रदीप मिश्र, संतोष शुक्ल, बाबूलाल तिवारी, शीतला शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
करनैलगंज के गोनार्ध सेवा समिति सोनवार के तत्वावधान में भैरवपुरवा के समीप प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्टाल लगाकर राहगीरों को कढ़ी चावल वितरित किया।

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धर्म लाइव अपडेट

बड़ा मंगल कल, गोण्डा में चौक-चौराहों पर भंडारे का होगा आयोजन

ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगल को धूमधाम से मनाने के लिए मंदिरों में तैयारियां जोरों से शुरू हो गई हैं। पंडित हरिशंकर तिवारी ने बताया कि इस ज्येष्ठ मास में पांच बड़ा मंगल पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि पहला मंगल 17 मई, दूसरा 24 मई, तीसरा 31 मी व चौथा 7 जून व पांचवा 14 जून को पड़ेगा। गोण्डा के अंबेडकर चौराहा, बालपुर , करनैलगंज , बालेश्वरगंज बाजार, डुमरियाडीह चौराहा और वजीरगंज बाजार में भंडारे का आयोजन होगा हनुमान गढ़ी में लड्डू का भोग श्री हनुमानजी को लगाया जाएगा और साथ ही चोला भी चढ़ाया जाएगा। क्षेत्र के सभी हनुमान मन्दिरों में तैयारियां जोरों पर हैं। मन्दिरों की साफ सफाई की जा रही है। सभी मन्दिरों में सुंदरकांड का पाठ का आयोजन होगा। राम भक्त हनुमान की कृपा पाने के लिए भक्तगण अपने घरों, मंदिरों और चौक-चौराहों पर भंडारे का विशाल आयोजन करेंगे।

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धर्म

भारत के 15 फेमस मंदिर

भारत के अलग-अलग राज्यों में कई फेमस मंदिर हैं। इनमें से कई मंदिर दुनिया के अमीर मंदिरों में शामिल हैं। आईये इनके बारे में जानते हैं।

 #वैष्णो देवी मंदिर

पहाड़ की चोटी पर स्थित यह मंदिर जम्मू में स्थित है।यह देश का दूसरा सबसे ज्यादा देखे जाने वाला मंदिर हैं।

 #तिरुपति बालाजी

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के तिरुमाला के पहाड़ी शहर में स्थित, यह मंदिर तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है, जिसे ‘बालाजी’ कहा जाता है और भगवान विष्णु का अवतार है। वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी अमीर धार्मिक स्थल है, जहां लोग अपने भगवान को पैसे और सोने का चढ़ावा चढ़ाते हैं। यह भारत का दूसरा सबसे अमीर मंदिर हैं और प्रमुख धर्म स्थलों में एक हैं।

 #पद्मनाभ मंदिर

भारत के केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में स्थित भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल यह ऐतिहासिक मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है। यह मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता हैं यह भगवान विष्णु के 108 पवित्र मंदिरों मे से एक हैं।

#मीनाक्षी मंदिर

तमिलनाडु राज्य के मदुरई नगर, में स्थित एक ऐतिहासिक मन्दिर है। यह हिन्दू देवता शिव  एवं उनकी भार्या देवी पार्वती दोनो को समर्पित है। यह मंदिर लगभग 3500 वर्ष पुराना हैं । यह देश के अमीर मंदिरों में से एक हैं ।

 #साईं बाबा मंदिर

शिर्डी साई बाबा मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित हैं। इसे भारत का तीसरा सबसे अमीर मंदिर माना जाता हैं। इसकी सालाना आय 480 करोड़ रुपये हैं।

    #श्री रामप्पा मंदिर

रामप्पा मंदिर, जिसे रुद्रेश्वर (भगवान शिव) मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण भारत में तेलंगाना राज्य में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यह वारंगल से 66 किमी, मुलुगुसे 15 किमी और हैदराबाद से 209 किमी की दूरी पर स्थित है। यह शिव मंदिर 800 साल पुराना मंदिर हैं। यह तैरने वाले पत्थरों से बनाया गया हैं।

 #बदरीनाथ धाम

बद्रीनाथ अलकनंदा नदी के नजदीक स्थित हैं जो भगवान बद्रीनाथ का निवास है और यह एक छोटा सा शहर हैं जो चमोली जिले में स्थित है। भगवान विष्णु का यह पवित्र मंदिर हिन्दू धर्म में चार पवित्र स्थलों (चार धाम) में से एक है। यह भगवान विष्णु (दिव्य देश) को समर्पित 108 मंदिरों में से एक है

#रामेश्वरम मंदिर

रामेश्वरम हिंदुओं का एक पवित्र तीर्थ है। यह तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यह तीर्थ हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। इसके अलावा यहां स्थापित शिवलिंग बारह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।

#श्री जगन्नाथ मन्दिर 

पुरी का श्री जगन्नाथ मन्दिर एक हिन्दू मन्दिर है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। इस मन्दिर का वार्षिक रथ यात्रा उत्सव प्रसिद्ध है।

 #श्री द्वारिकाधीश मंदिर

द्वारिकाधीश मंदिर, भी जगत मंदिर के रूप में जाना और कभी कभी वर्तनी द्वारिकाधीश, एक है हिंदू मंदिर भगवान के लिए समर्पित कृष्णा , जो नाम द्वारिकाधीश, या ‘द्वारका के राजा’ द्वारा यहां पूजा की जाती है। मंदिर भारत के गुजरात के द्वारका में स्थित है। श्री द्वारिकाधीश मंदिर चारों धामों में एक धाम हैं

  #विरुपक्ष मंदिर

7 वीं शताब्दी में बनाया गया यह मंदिर कर्नाटक के हम्पी गांव में स्थित। यह हम्पी के विभिन्न अन्य मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। हम्पी की सभी विरासत स्थलों को यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त है। शिव का एक मंदिर, विरुपक्ष मंदिर एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक और साथ ही पर्यटन स्थल भी है। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहरों की सूची मे शामिल हैं।

 #ब्रह्मा जी मन्दिर 

ब्रह्मा मन्दिर एक भारतीय हिन्दू मन्दिर है जो भारत के राजस्थान राज्य के अजमेर ज़िले में पवित्र स्थल पुष्कर में स्थित है। इस मन्दिर में जगत पिता ब्रह्माजी की मूर्ति स्थापित है। इस मन्दिर का निर्माण लगभग 14वीं शताब्दी में हुआ था जो कि लगभग 700 वर्ष पुराना है। यह मन्दिर मुख्य रूप से संगमरमर के पत्थरों से निर्मित है।कार्तिक पूर्णिमा त्योहार के दौरान यहां मन्दिर में हज़ारों की संख्या में भक्तजन आते रहते हैं।

 #केदारनाथ मंदिर

गढ़वाल क्षेत्र (उत्तराखंड) की हिमालय की सीमा में स्थित केदारनाथ मंदिर दुनिया के सबसे शिव मंदिरों में से एक है। यह उत्तराखंड के चार धामों में से एक है और तीर्थयात्रियों को पहाड़ी सतह पर 14 किलोमीटर तक चलकर जाना होता है। यह ग्लेशियर और बर्फ से ढके चोटियों से घिरा हुआ हैं और 3,583 मीटर की ऊंचाई पर है। बहुत अधिक ठंड की स्थिति के कारण मंदिर सर्दियों के दौरान बंद रहता है। यहां तक ​​कि भगवान शिव की मूर्ति को उखीमाथ में स्थानांतरित कर दिया जाता है और वहां 5/6 महीने इसकी पूजा की जाती है।

 #काशी विश्वनाथ मंदिर 

 

काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ज्ञानव्यापी मस्जिद ही असल काशी विश्वनाथ मंदिर है, ऐसा दावा किया जाता है। यह मंदिर पिछले कई हजारों वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्‍वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्‍ट स्‍थान है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्‍नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में प्रमुख मंदिरों से भव्य शोभा यात्रा ढोल नगाड़े इत्यादि के साथ बाबा विश्वनाथ जी के मंदिर तक जाती है।

 #अमरनाथ मंदिर

अमरनाथ हिन्दुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर के उत्तर-पूर्व में 135 सहस्त्रमीटर दूर समुद्रतल से 13600 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। इस गुफा की लंबाई (भीतर की ओर गहराई) 19 मीटर और चौड़ाई 16  मीटर है। गुफा 19  मीटर ऊँची है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्यों कि यहीं पर भगवान शिव ने माँ पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यहाँ की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है।

 अगर आपको अध्यात्म  से जुड़ी जगहों पर घूमने का शौक हैं, तो इन मंदिरों को देखने जरूर जाए। स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करें , साथ ही ऐसी अन्य स्टोरी जानने के लिए हमसे जुड़े।

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धर्म

रक्षाबंधन पर्व पर राशि अनुसार बांधे रक्षासूत्र और जाने शुभ मुहूर्त

राखी बांधने का मुहूर्त-:
रक्षाबंधन पर प्रात: 06 बजकर 15 मिनट से प्रात: 10 बजकर 34 मिनट तक शोभन योग रहेगा, धनिष्ठा नक्षत्र शाम को करीब 07 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, 22 अगस्त 2021 को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से शाम 04 बजकर 18 मिनट तक, राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा।
रक्षाबंधन तिथि- रविवार 22 अगस्त 2021
पूर्णिमा तिथि -21 अगस्त शाम 3.45 बजे से शुरू, 22 अगस्त में शाम 5.58 बजे समापन।
• शुभ मुहूर्त 22 अगस्त में सुबह 5.50 बजे से शाम 6.03 बजे तक.
• राखी के लिए दोपहर का समय-1.44 बजे से 04.03 बजे तक
• अभिजीत मुहूर्त-दोपहर 12.04 बजे से 12.58 बजे तक।
राशि अनुसार बांधे रक्षासूत्र

१:-मेष राशि:- आपके भाई की राशि मेष है उसे लाल रँग की राखी बांधें और मिठाई में मालपुए खिलाएं, ऐसा करने से भाई को मानसिक शांति मिलेगी।
२:-वृषभ राशि:- इस राशि के भाई को सफेद रेशमी डोरी वाली राखी बांधें और रसमलाई मिठाई ही खिलाएं, ऐसा करने से नौकरी व्यापार में लाभ मिलेगा।
३:-मिथुन राशि;- आपके भाई की राशि मिथुन है, बहने उन्हें हरे रँग वाली राखी बांधें और हरी बर्फी या गुलाब जामुन मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से सामाजिक कार्यों में रुचि बनी रहेगी, विचार शक्ति बढ़ेगी।
४:-कर्क राशि:- आपके भाई की राशि कर्क है तो इस साल राखी के त्योहार पर अपने भाई की कलाई पर सफ़ेद रेशम वाली राखी बांधें, मिठाई में कलाकंद या बादाम कतली खिलाएं, ऐसे करने से मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी भावनात्मक रिश्ते मजबूत होंगे।
५:-सिंह राशि:- सिंह राशि वाले भाइयों को ऑरेंज राखी बांधें और मिठाई में घेवर मिठाई या बलुशाई खिलाएं, इससे शिक्षा के क्षेत्र में सफतला प्राप्त होगी और कार्य में लाभ प्राप्त होगा।
६:-कन्या राशि:- अगर आपके भाई की राशि कन्या है तो अपने भाईयों को गणेशजी के प्रतीक वाली राखी बांधें और मोतीचूर के लड्डू खिलाएं, इससे वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और अच्छा शुभ परिणाम मिलेगा।
७:-तुला राशि:- आपके भाई की राशि तुला है वो रेशमी हल्के गुलाबी डोरे वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें कजुकतली या मावा बर्फी मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से व्यवसाय की चिंता दूर होगी और स्थिति सामान्य बनी रहेगी कार्य शक्ति बढ़ेगी।
८:-वृश्चिक राशि:- आपके भाई की राशि वृश्चिक हे आप चमकीला लाल रँग वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें पंचमेवा बर्फी या अंजीर कतली मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से उनके क्रोध व रोग से आराम मिलेगा।
९:- धनु राशि:- ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि धनु राशि बाले पीले रक्षासूत्र वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें बेसन चक्की या जलेबी मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से नौकरी व्यापार की बाधा दूर होगी।
१०:- मकर राशि:- आपके भाई की राशि मकर है वो परपल रक्षासुत्र वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें काला गुलाबजामुन मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से जीवन की सभी बाधा दूर होगी।
११:- कुम्भ राशि:- भाई की राशि कुम्भ है वो नीले धागे वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें सोहन हलवा या सोहन पपड़ी मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से उनको धन सम्पति लाभ होगा।
१२:-मीन राशि:- भाई की राशि मीन है वो पीले रक्षासुत्र वाली राखी बांधें, मिठाई में उन्हें केसर बाटी मिठाई खिलाएं, ऐसे करने से मन होगा।
रक्षाबंधन के मंत्र
येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः।

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अयोध्या धर्म

नींव भराई का 50 प्रतिशत कार्य पूरा, 23 लेयर तैयार, साल 2023 तक रांमन्दिर बनकर तैयार हो जाएगा

राममंदिर निर्माण के लिए नींव भराई का काम 15 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। कुल 44 लेयर में नींव भरी जानी है। जिसमें से करीब 50 प्रतिशत 23 लेयर डालने का काम पूरा हो चुका। उधर प्लिंथ निर्माण की भी तैयारी तेज हो गई है। प्लिंथ में लगने वाले मिर्जापुर के पत्थरों की आपूर्ति लगातार हो रही है। श्रमिकों का जत्था भी पहुंच गया है।

राममंदिर की नींव भराई का काम तेजी से चल रहा है। आरसीसी प्रणाली के जरिए डाली जा रही नींव के काम की निगरानी विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम कर रही है। नींव को सुखाने के लिए पत्थर की सिल्लियों का भी प्रयोग किया जा रहा है। बारिश की वजह से काम में बाधा आ रही है। वहीं दूसरी ओर मिर्जापुर से करीब 24 श्रमिकों का जत्था अयोध्या पहुंच गया है।

मिर्जापुर के पत्थरों को चेन के आकार में एक-दूसरे से फंसा कर लगाने के लिए इनमें होलफास का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए ही मिर्जापुर से ये श्रमिक अयोध्या पहुंचे हैं। जो पत्थर आ चुुके हैं उनमें होलफास का निर्माण इन श्रमिकों ने शुरू कर दिया है। राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि नींव भराई का काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

अब तक 23 लेयर का निर्माण हो चुका है। जो लेयर बन गई हैं उसे सुखाने का काम किया जा रहा है। बारिश के चलते नींव भराई का काम बाधित हुआ है। 15 सितंबर तक सभी 44 लेयर के निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा, उसके तुरंत बाद प्लिंथ निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। रामजन्मभूमि में मंदिर निर्माण कार्य में बड़ी मात्रा में फिल्ड मैटेरियल का प्रयोग हो रहा है।
ऐसे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन रामजन्मभूमि परिसर में मैटेरियल लेकर आते हैं। जांच-पड़ताल के बाद एक-एक कर वाहनों को परिसर में भेजा जाता है। क्रॉसिंग थ्री के मुख्य रास्ते से ही मालवाहक वाहनों का प्रवेश हो रहा है। मुख्य मार्ग पर प्रवेश के रास्ते में तीन अलग-अलग द्वार हैं। जहां वाहनों की पूरी जांच केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की मौजूदगी में सिविल पुलिस करती है।

क्लीयरस न मिलने पर वाहनों का प्रवेश भी नहीं हो पाता। इस प्रक्रिया में समय लगता है। जिसके चलते मुख्य मार्ग पर मालवाहक वाहनों का लंबा काफिला लग जाता है। इससे निजात के लिए यूसूफ आरा मशीन से रामजन्मभूमि परिसर तक सीधा रास्ता खोलने का काम शुरू हो चुका है। एप्रोच रोड बनाई जा रही है। इसी हफ्ते यह रास्ता शुरू हो जाएगा।

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अयोध्या धर्म लाइव अपडेट

अयोध्या में ‘चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग’ को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित

माननीय सड़क परिवहन केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी ने अयोध्या धाम में एक और विकास कार्ये को अंजाम दिया उन्होंने  अयोध्या में  ‘चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग’ को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने हेतु अधिसूचना जारी कर दिया हैं।  अयोध्या के पुरातन गौरव की पुनर्स्थापना हेतु बढ़ाया गया बड़ा कदम है। यह अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन क्षेत्र को संबल प्रदान करेगा।

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पंचांग – आज की तिथि – जुलाई 06, 2021

आज की तिथि  : 06 जुलाई, 2021 मंगलवार – आषाढ़ कृष्ण पक्ष द्वादशी (अगले दिन 1:02 am तक), उसके बाद त्रयोदशी अभी, तिथि हे द्वादशी |

कल की तिथि : 07 जुलाई, 2021 बुधवार – आषाढ़ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (परसों 3:20 am तक), उसके बाद चतुर्दशी |

हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तारीख –विक्रम संवत (पूर्णिमानता) : आषाढ़ 12, 2078, विक्रम संवत (अमानता ) : ज्येष्ठ 26, 2078, शक संवत: आषाढ़ 15, 1943