
भारत की घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित एकदिवसीय प्रतियोगिता विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही दिन बल्लेबाज़ों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि स्टेडियमों में दर्शकों का रोमांच अपने शिखर पर पहुंच गया। 24 दिसंबर को खेले गए कुल 19 मैचों में शतक और अर्धशतक की बरसात देखने को मिली, जिसमें एक दोहरा शतक, 21 शतकों और 44 अर्धशतकों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जो टूर्नामेंट के इतिहास में एक खास दिन बन गया।
सबसे बड़ी ख़बर तो यह रही कि भारत के दो महान बल्लेबाज़ विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अपनी टीमों के लिये जोरदार शतकीय पारियाँ खेलीं। कोहली ने दिल्ली के लिये आंध्रा के खिलाफ मुकाबले में 131 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को 4 विकेट की रोमांचक जीत दिलाई, और इस पारी के दौरान उन्होंने लिस्ट-A क्रिकेट में 16,000 रन पूरे कर एक ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल किया।
वहीं रोहित शर्मा ने मुंबई के लिए सिक्किम के खिलाफ 62 गेंदों में शतक जमाया, जिसमें उन्होंने अपनी पारी को शक्तिशाली शैली से निभाया और 18 चौके व 8 छक्के लगाए, जिससे मुंबई ने आसानी से मैच में नियंत्रण बना लिया। इस पारी से रोहित ने लिस्ट-A क्रिकेट में 150 से ऊपर का स्कोर सर्वाधिक बार बनाने का रिकॉर्ड भी बराबर किया।
इससे आगे, युवा बल्लेबाज़ों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। ईशान किशन ने क्रमशः 33 गेंदों में शतक जड़ा, जो कि तेज़ शतकों में से एक है और आज के दिन सबसे तूफानी पारियों में गिना गया। उनके इस प्रदर्शन ने दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ाई।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली और चर्चित सफलता 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने बिहार की ओर से खेलते हुए मात्र 36 गेंदों में शतक जड़ा, जो लिस्ट-A क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज़ का बहुत तेज़ शतक भी माना जा रहा है। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी में 16 चौके और 15 छक्के लगाए, और सिर्फ़ 84 गेंदों में 190 रन बनाकर टीम को एक विशाल स्कोर की ओर अग्रसर किया।
पहले ही दिन इन महान और युवा खिलाड़ियों के मिश्रित धमाकेदार प्रदर्शन ने विजय हजारे ट्रॉफी को यादगार बना दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर करते हैं, और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की निगाहों में भी खिलाड़ियों की संभावनाएँ बढ़ाती हैं।
कुल मिला कर यह पहला दिन फैंस के लिये शतकीय जश्न और बल्लेबाज़ी के महान क्षणों से भरपूर रहा, जहाँ कोहली-रोहित जैसे अनुभवी सितारों ने अपने अनुभव और तकनीक का लोहा मनवाया तथा किशन-वैभव जैसे युवा सितारों ने भविष्य की संभावनाओं का भव्य इशारा किया। इस प्रदर्शन ने विजय हजारे ट्रॉफी को न केवल घरेलू क्रिकेट का एक रोमांचक प्रारूप बनाया है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के उज्जवल संकेत भी दिए हैं।



