
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ गया है, खासकर तब से जब भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण ट्रेड डील पर सहमति बनी है, और पाकिस्तान में इसके राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो रही हैं।
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ने पाकिस्तान का “टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया और फिर फेंक दिया”, जिस पर उनका देश भारी कीमत चुका रहा है। आसिफ ने अफ़गानिस्तान में पिछले युद्धों और अमेरिका के साथ सहयोग के इतिहास का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान को केवल अमेरिकी हितों के लिए उपयोग किया गया और बाद में अकेला छोड़ दिया गया।
इस बयान को कई विश्लेषकों ने पाकिस्तान‑यूएस रिश्तों में बिगड़ती कूटनीतिक स्थिति के रूप में देखा है, और इसे भारत‑यूएस डील के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पीछे धकेला गया है।
विशेष रूप से, पाकिस्तान में यह मानना बढ़ रहा है कि अमेरिका ने भारत के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता दी, और इसी वजह से पाकिस्तान को रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर नुकसान उठा रहा है। इसका असर दोनों देशों के दीर्घकालिक सैन्य, व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है, और आगामी दिनों में यह बातचीत और कूटनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है।



