
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और अब यह तकनीक रोजमर्रा की जिंदगी को भी बदलने लगी है। इसी बदलाव के बीच 23 साल की एक युवा उद्यमी ने ऐसा स्टार्टअप खड़ा कर दिया है जिसने घरेलू सेवाओं के पारंपरिक मॉडल को नई दिशा दे दी। इस युवती ने ‘Pronto’ नाम का AI आधारित ऐप लॉन्च किया है, जो घरों में मिलने वाली छोटी-बड़ी सेवाओं को कुछ ही मिनटों में उपलब्ध कराने का दावा करता है। कम उम्र में इतनी बड़ी पहल ने स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी जगत में हलचल मचा दी है।
दरअसल, भारत में घर से जुड़ी सेवाओं जैसे प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, क्लीनिंग, ब्यूटी सर्विस या घरेलू मदद ढूंढना लंबे समय से लोगों के लिए चुनौती रहा है। कई बार सही व्यक्ति समय पर नहीं मिलता, तो कभी कीमत और भरोसे को लेकर परेशानी होती है। इसी समस्या को समझते हुए इस युवा उद्यमी ने AI की मदद से ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जो ग्राहक की जरूरत को समझकर तुरंत सही सर्विस प्रोवाइडर से जोड़ देता है। ऐप में यूजर की लोकेशन, जरूरत और समय के हिसाब से सर्विस की सिफारिश की जाती है।
Pronto ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका AI इंजन बताया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम यूजर के व्यवहार और पसंद को समझकर भविष्य की जरूरतों का भी अनुमान लगा सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी इलाके में लगातार AC सर्विस की मांग बढ़ रही है तो ऐप पहले से तकनीशियन उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर देता है। इससे ग्राहकों को कम इंतजार करना पड़ता है और सेवा देने वालों को ज्यादा काम मिलता है।
बताया जा रहा है कि इस स्टार्टअप की शुरुआत बहुत छोटे स्तर से हुई थी। शुरुआती दिनों में संस्थापक ने खुद ग्राहकों से बातचीत की, सर्विस प्रोवाइडर्स को जोड़ा और ऐप के मॉडल को लगातार बेहतर बनाया। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और ऐप को बड़े शहरों में अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा। अब कंपनी कई महानगरों में अपनी सेवाएं दे रही है और निवेशकों की भी इसमें दिलचस्पी बढ़ रही है।
टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में AI आधारित सर्विस सेक्टर आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। खास तौर पर युवा उद्यमियों के लिए यह बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। कम उम्र में इस तरह का स्टार्टअप तैयार करना यह दिखाता है कि भारत में नई पीढ़ी सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद रोजगार पैदा करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
Pronto जैसे प्लेटफॉर्म का असर सिर्फ ग्राहकों तक सीमित नहीं है। इससे हजारों फ्रीलांस और लोकल वर्कर्स को भी रोजगार मिलने की संभावना बढ़ी है। कंपनी का कहना है कि वह प्रशिक्षित सर्विस प्रोवाइडर्स को जोड़कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रही है, जिससे उनकी आय में सुधार हो रहा है। खास बात यह है कि ऐप में रेटिंग और फीडबैक सिस्टम भी दिया गया है ताकि ग्राहक भरोसे के साथ सेवाएं ले सकें।
हाल के वर्षों में भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हुआ है। सरकार की ‘Startup India’ और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने भी युवाओं को नई तकनीक आधारित कंपनियां शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। इसी माहौल का फायदा उठाकर कई युवा अब हेल्थ टेक, फिनटेक, एजुकेशन और होम सर्विस सेक्टर में नए प्रयोग कर रहे हैं। Pronto की कहानी भी इसी बदलते भारत की तस्वीर पेश करती है।
सोशल मीडिया पर भी इस युवा उद्यमी की काफी चर्चा हो रही है। लोग इसे भारतीय युवाओं की नई सोच और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि AI सिर्फ बड़ी कंपनियों की तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि अब यह आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने का साधन बन रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में AI आधारित होम सर्विस प्लेटफॉर्म पारंपरिक बाजार को पूरी तरह बदल सकते हैं। ऐसे में Pronto जैसे स्टार्टअप भारतीय टेक इंडस्ट्री में नई क्रांति की शुरुआत माने जा रहे हैं।



