
बिहार के सरकारी स्कूलों में अब नहीं बनेंगी टीचर्स की रील, वीडियो शूट करने से पहले लेनी होगी लिखित अनुमति
बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक और अन्य कर्मचारी स्कूल परिसर में मनमाने तरीके से रील या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इस पर सख्ती दिखाते हुए नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत विद्यालय परिसर में निजी रील बनाने, वीडियो शूट करने और बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने पर रोक लगा दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने 4 नवंबर को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेजे हैं। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सौंपी गई है। विभाग ने सरकारी परिसर में कर्मचारियों की ओर से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने की कोशिश पर भी आपत्ति जताई है।
विभाग का कहना है कि कक्षा में पढ़ाई के दौरान बच्चों के साथ रील बनाना और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना उचित नहीं है। इससे विद्यार्थियों की निजता और जीवन के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, पढ़ाने के समय वीडियो बनाने से शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा आती है और सरकारी कामकाज पर भी असर पड़ता है। खासकर बच्चों को बिना उचित अनुमति सोशल मीडिया कंटेंट का हिस्सा बनाने को गंभीरता से लिया गया है।
इस आदेश में बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 और वर्ष 2026 में किए गए संशोधन का भी हवाला दिया गया है। विभाग के निर्देश के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए अपने नियंत्रक पदाधिकारी से लिखित पूर्व अनुमति लेनी होगी। राजनीतिक, धार्मिक, जाति या उपजाति आधारित प्रचार के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाने पर भी नियमों के तहत रोक है।
हालांकि, कुछ विशेष कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग और वीडियो बनाने की अनुमति दी जा सकती है। इनमें 15 अगस्त और 26 जनवरी के सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान और स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्य शामिल हैं। गणमान्य व्यक्तियों के औचक निरीक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का वीडियो बनाने के लिए भी पहले लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। यानी इन गतिविधियों के नाम पर भी कर्मचारी अपनी मर्जी से रील बनाकर पोस्ट नहीं कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पढ़ाई के दौरान बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अश्लील, आपत्तिजनक, अपमानजनक या धमकी भरी सामग्री तथा राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के विपरीत पोस्ट करने से बचने को कहा गया है। बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री साझा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
गौरतलब है कि बिहार के शिक्षा विभाग ने हाल ही में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के पहनावे को लेकर भी सख्ती दिखाई थी। जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़ों के बजाय औपचारिक परिधान में स्कूल आने का निर्देश दिया गया था। अब रील और वीडियो बनाने पर नए प्रतिबंध के बाद विभाग ने साफ संकेत दिया है कि स्कूल परिसर में शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों की निजता और अनुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।



