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दिशा सालियान केस: पिता सतीश सालियान ने CBI को सौंपे वीडियो सबूत

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दिवंगत अभिनेत्री और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच के बीच उनके पिता सतीश सालियान ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा है। इसमें उन्होंने वीडियो समेत कई सबूत दिए हैं और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत कई लोगों की भूमिका की जांच और कानून के मुताबिक गिरफ्तारी की मांग की है।

सतीश सालियान के प्रतिनिधित्व में CCTV फुटेज और DVR से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उनका दावा है कि 4 जून 2020 से 9 जून 2020 के बीच की महत्वपूर्ण CCTV फुटेज DVR में मौजूद नहीं है। उन्होंने CBI से यह पता लगाने की मांग की है कि यह फुटेज किस परिस्थिति में डिलीट या गायब हुई और क्या इसकी कोई कॉपी दोबारा हासिल की जा सकती है। प्रतिनिधित्व में दिसंबर 2025 की FSL रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है।

सतीश सालियान ने जांच के दौरान सामने आए पुलिस अधिकारियों के बयानों को भी जांच के दायरे में लेने की मांग की है। उनके मुताबिक, तत्कालीन जांच अधिकारी और SIT से जुड़े अधिकारियों के बयानों में गायब हार्ड डिस्क और बैकअप फुटेज से संबंधित बातें सामने आई हैं। उन्होंने CBI से यह जांच करने को कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और हार्ड डिस्क की कस्टडी किसके पास थी और उनसे संबंधित किसी तरह की छेड़छाड़ या नुकसान हुआ या नहीं।

प्रतिनिधित्व में पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के अगस्त 2020 में दिए गए बयान का भी जिक्र किया गया है। सतीश सालियान ने सवाल उठाया है कि उस समय CCTV फुटेज को लेकर किए गए दावों का आधार क्या था। उन्होंने CBI से इस पहलू की भी जांच करने की मांग की है कि पुलिस अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जानकारी या उन तक पहुंच किस स्तर पर थी।

सतीश सालियान ने दो अन्य लोगों को महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए उनसे पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने की मांग भी की है। इसके अलावा प्रतिनिधित्व में मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। उनका कहना है कि इन रिकॉर्ड से घटना के समय संबंधित लोगों की मौजूदगी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

उन्होंने CBI से IPC की धारा 409 को भी मामले में जोड़ने पर विचार करने की मांग की है। यह मांग सरकारी अधिकारियों के पास मौजूद DVR, हार्ड डिस्क या अन्य सरकारी संपत्ति के कथित दुरुपयोग, हटाने या नष्ट किए जाने से जुड़े आरोपों के संदर्भ में की गई है। हालांकि, इन आरोपों की जांच और उनकी पुष्टि जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले को अपने हाथ में लिया और 13 सितंबर को FIR दर्ज की। FIR में हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और सबूत नष्ट करने समेत गंभीर धाराओं के तहत जांच की जा रही है। हालांकि, FIR में नाम आने का मतलब किसी व्यक्ति का दोषी साबित होना नहीं है और जांच के दौरान तथ्यों की पुष्टि की जानी बाकी है।

CBI की FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों की भूमिका की जांच की बात सामने आई है। वहीं आदित्य ठाकरे ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने दिशा सालियान को न तो जाना और न ही उनसे मुलाकात की। उन्होंने मामले की CBI जांच को आगे बढ़ने देने की बात कही है। ऐसे में अब सतीश सालियान की ओर से सौंपे गए नए सबूत और उनकी ओर से की गई गिरफ्तारी की मांग CBI की जांच का हिस्सा बन सकती है।

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