
सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान किया जाए, लेकिन यात्रा की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में आम नागरिकों और श्रद्धालुओं दोनों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरे कांवड़ रूट पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए लगातार नजर रखी जाए। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, कंट्रोल रूम की स्थापना और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि यात्रा मार्गों पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने, अफवाहों के जरिए माहौल बिगाड़ने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी भ्रामक सूचना को फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी तरह की अफवाह व्यवस्था को प्रभावित न कर सके।
राज्य सरकार ने यात्रा मार्गों पर खाद्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को मिलावटखोरी, ओवररेटिंग और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लागू रखने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा अस्थायी शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम और चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा और कुछ एक्सप्रेसवे तथा हाईवे पर निर्धारित अवधि के लिए यातायात प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यात्रा सलाह का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं और आम लोगों दोनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसे पूरी गरिमा के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ संघों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि धार्मिक आस्था के नाम पर कानून हाथ में लेने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या आम लोगों को परेशान करने की किसी भी घटना पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष “जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट” के साथ कांवड़ यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कराना है, जिसके लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क और तैयार है



