Advertisement
लाइव अपडेटविश्व
Trending

पाकिस्तान के मंत्री ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप

Advertisement
Advertisement

पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पाकिस्तान के खिलाफ सुनियोजित डिजिटल दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसका सीधा संबंध अमेरिका से था और जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान विरोधी अभियान में कथित रूप से शामिल था। तरार के इस बयान ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति डिजिटल मार्केटिंग सेवाओं से जुड़ा था और जांच के दौरान उसके वित्तीय लेन-देन की पड़ताल में पता चला कि उसे अमेरिका से भुगतान किया जा रहा था। उनके अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर बॉट नेटवर्क और फर्जी सोशल मीडिया खातों के माध्यम से पाकिस्तान सरकार, सेना, सेना प्रमुख और विभिन्न सरकारी संस्थानों के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाना और देश के भीतर अस्थिरता पैदा करना था।

पाकिस्तानी मंत्री ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित अभियान में कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसके पीछे किस स्तर तक समर्थन मौजूद था। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत साक्ष्य या आधिकारिक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

तरार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ समय से अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध अपेक्षाकृत बेहतर माने जा रहे थे। डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय संपर्क हुए थे और रक्षा, सुरक्षा तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ने की भी चर्चा रही। इसी वजह से पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा अमेरिका पर इस तरह के सार्वजनिक आरोप लगाए जाने को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि पाकिस्तान सरकार इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करती है तो यह मामला दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो इसे पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) से जोड़कर भी देखा जा सकता है। फिलहाल अमेरिका की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह घटनाक्रम ऐसे दौर में सामने आया है जब दुनिया भर में साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, बॉट नेटवर्क और डिजिटल दुष्प्रचार जैसे मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। कई देशों ने आरोप लगाया है कि विदेशी तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से जनमत को प्रभावित करने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करते हैं। पाकिस्तान के मंत्री का यह दावा भी इसी व्यापक वैश्विक बहस के बीच सामने आया है, हालांकि इसकी सच्चाई का अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share