
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को राज्य में तीन बड़ी रैलियों के जरिए चुनावी अभियान को और तेज कर दिया। प्रधानमंत्री ने हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम (सिउड़ी) में लगातार जनसभाएं कर बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। इन रैलियों को आगामी चुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी इन इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने और नए क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत सुबह हल्दिया से की, जहां उन्होंने बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद वे आसनसोल पहुंचे और दोपहर में बीरभूम जिले के सिउड़ी में तीसरी रैली की। इन तीनों स्थानों का चयन रणनीतिक तौर पर किया गया है, क्योंकि ये इलाके या तो बीजेपी के लिए उभरते हुए क्षेत्र हैं या फिर सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी यहां अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषणों में राज्य की कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के शासन में बंगाल में “डर और अराजकता” का माहौल बना हुआ है और बीजेपी ही राज्य को विकास और स्थिरता दे सकती है। उन्होंने चुनाव को “भय बनाम भरोसा” की लड़ाई बताते हुए लोगों से बीजेपी को समर्थन देने की अपील की।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में कुल 294 सीटों पर मुकाबला होगा, जिसमें मुख्य रूप से बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की ये ताबड़तोड़ रैलियां बीजेपी के चुनावी अभियान को नई गति देंगी। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं दूसरी ओर, टीएमसी भी लगातार जवाबी हमले कर रही है, जिससे राज्य का चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।
कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव अब पूरी तरह हाई-वोल्टेज मुकाबले में बदल चुका है, जहां हर रैली और हर बयान का सीधा असर वोटरों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह चुनाव और भी दिलचस्प होने की संभावना है।



