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बंगाल में सत्ता परिवर्तन की हलचल तेज

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पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद अहम दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब सरकार गठन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah स्वयं शामिल हुए। इस बैठक को लेकर पूरे देश की नजरें बंगाल पर टिकी रहीं, क्योंकि इसी बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला होने की चर्चा रही। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बीजेपी नेता Suvendu Adhikari बताए जा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव में भवानीपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee को बड़े अंतर से हराकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल दिया है। बीजेपी के कई नेताओं ने खुलकर उनके समर्थन में बयान दिए हैं। पार्टी सांसद निशीथ प्रमाणिक ने भी कहा कि “जिस नेता ने ममता बनर्जी को हराया है, वही बंगाल का मुख्यमंत्री बनना चाहिए।” इससे शुभेंदु अधिकारी के नाम की चर्चा और तेज हो गई। हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ शुभेंदु अधिकारी का ही नाम नहीं चल रहा, बल्कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Ghosh का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ है। दिलीप घोष ने चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने 15 साल के शासन को नकार दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में कुछ टीएमसी नेताओं के बीजेपी में आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बीजेपी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। उत्तर बंगाल, जंगलमहल, महिला नेतृत्व और मतुआ समुदाय को विशेष प्रतिनिधित्व देने की तैयारी की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें एक महिला नेता को जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

सरकार गठन से पहले राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां भी तेज हो चुकी हैं। कोलकाता स्थित विधानसभा भवन में रंग-रोगन, साफ-सफाई और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कक्ष से लेकर मंत्रियों के कमरों तक को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी जल्द ही औपचारिक रूप से सत्ता संभालने की तैयारी में है।

इस बीच राज्य में राजनीतिक तनाव भी लगातार बना हुआ है। चुनाव परिणामों के बाद कई जगह हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई हैं। हावड़ा के शिबपुर इलाके में बमबाजी और राजनीतिक नारों के बीच हिंसा की घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। बीजेपी ने इन घटनाओं के लिए तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं, जबकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है।

राज्यपाल R. N. Ravi द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद बंगाल की राजनीति में संवैधानिक बहस भी तेज हो गई है। दूसरी ओर ममता बनर्जी ने अभी तक हार स्वीकार नहीं की है और उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। टीएमसी की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं और कानूनी लड़ाई की भी तैयारी बताई जा रही है। अब सबकी निगाहें बीजेपी विधायक दल की अंतिम घोषणा पर टिकी हैं। अगर शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना जाता है, तो यह बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जाएगा। वहीं बीजेपी इसे “सोनार बांग्ला” की शुरुआत बताकर नए राजनीतिक अध्याय के रूप में पेश कर रही है।

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