Advertisement
राजनीतिलाइव अपडेट
Trending

अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति पर उठे सवाल

Advertisement
Advertisement

सीजेपी (CJP) के संस्थापक और हाल के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके आंदोलन या बयानों को लेकर नहीं, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और विदेश में हुई उनकी पढ़ाई के खर्च को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कर अभिजीत दीपके के परिवार की वित्तीय स्थिति की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में यह जानने की मांग की गई है कि अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए हुए कथित खर्च की व्यवस्था किन स्रोतों से की गई और क्या इस संबंध में सभी वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके के पिता एक वेतनभोगी कर्मचारी रहे हैं और उनकी आय को देखते हुए विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने के स्रोतों की जांच आवश्यक है। शिकायत में संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की मांग की गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिक्षा पर हुए खर्च का वित्तीय आधार क्या था। साथ ही सीजेपी की फंडिंग और आंदोलन के दौरान जुटाए गए चंदे को लेकर भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। हालांकि ये आरोप और मांगें फिलहाल जांच के स्तर पर हैं तथा किसी भी एजेंसी ने अभी तक किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं की है।

मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है। हाल के छात्र आंदोलन के कारण अभिजीत दीपके राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे और उनके नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में अब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और पढ़ाई के खर्च को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों और उनसे जुड़े संगठनों के वित्तीय स्रोतों में पारदर्शिता होना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या विवाद की गुंजाइश न रहे।

दूसरी ओर, इस मामले में अभी तक अभिजीत दीपके या उनके परिवार की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले उनके माता-पिता सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि अभिजीत ने विदेश में करियर के अवसर छोड़कर छात्रों के हित में आंदोलन का रास्ता चुना। परिवार ने आंदोलन के दौरान उन पर पड़े मानसिक दबाव और चुनौतियों का भी उल्लेख किया था।

फिलहाल यह मामला शिकायत और जांच की मांग तक सीमित है। संबंधित एजेंसियों द्वारा यदि इस संबंध में कोई जांच शुरू की जाती है, तो उसके निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, तब तक शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और आम लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह मामला छात्र आंदोलन, वित्तीय पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share